
राजस्थान के 1.5 लाख छात्र-छात्राओं को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति!, विभाग ने जारी की लिस्ट
जया गुप्ता / जयपुर. प्रदेश ( Rajasthan ) के 2384 शिक्षण संस्थानों के डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं को इस साल छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ( Social Justice and Empowerment Department ) ने ऐसे शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की है, जिनकी सम्बद्धता उनके पोर्टल पर खत्म हो गई है। पोर्टल पर शिक्षण संस्थान सम्बद्धता का नया डेटा डालने तक इन संस्थानों के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पोर्टल स्वीकृत नहीं करेगा।
यह है मामला
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अजा, जजा, ओबीसी वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति देता है। पिछले कुछ वर्षों से आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। छात्रवृत्ति के लिए पोर्टल पर शिक्षण संस्थानों को पहले स्वयं पंजीकरण करना होता है। इसके बाद सम्बद्धता देने वाले विश्वविद्यालय स्वीकृत करते हैं। पोर्टल पर शिक्षण संस्थानों की सम्बद्धता का भी कॉलम है। कुछ शिक्षण संस्थानों ने पिछले वर्षों सम्बद्धता की तारीख 2018 या 2019 तक भर दी। उन सभी को पोर्टल ने रोक दिया। हालांकि इनके विद्यार्थियों से भी 2019-20 के लिए आवेदन पत्र तो भरवाए जा रहे हैं मगर वे प्रकिया में तब ही आएंगे, जब सम्बद्धता रिन्यू हो जाएगी।
सरकारी को नहीं, निजी को परेशानी
जारी की गई सूची में कई सरकारी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के भी नाम हैं। इन महाविद्यालयों को सम्बद्धता का कॉलम अपने आप रिन्यू हो जाएगा। निजी विश्वविद्यालयों को सम्बद्धता लेकर पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।
फैक्ट फाइल
- 05 लाख छात्र-छात्राएं लेते हैं हर साल उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति
- 7-8 हजार उच्च शिक्षण संस्थान हैं प्रदेश में
जिनके पास सम्बद्धता ही नहीं है, उन संस्थानों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति कैसे देंगे? संस्थान पहले सम्बद्धता लें, तब ही आवेदन प्रोसेस होंगे।
- सांवरमल वर्मा, निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
Published on:
11 Sep 2019, 7:30 AM IST
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