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उपचुनाव में लोगों की नाराजगी से बचने के लिए ‘पद्मावती के जौहर‘ का सीन रीक्रिएट करने की तैयारी में सरकार!

आक्रोश के बीच चुप्पी साधे बैठी सरकार की डैमेज कंट्रोल की तैयारी...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 20 Nov 2017, 2:24 PM IST

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जयपुर। फिल्म पद्मावती को लेकर उपजे आक्रोश के बीच चुप्पी साधे बैठी सरकार अब चित्तौड़ की रानी पद्मावती का महिमा मंडन करेगी। चित्तौडगढ़़ राजकीय संग्रहालय में पद्मावती के ऐतिहासिक जौहर वाले सीन को रीक्रिएट किया जाएगा। राज्य सरकार ने पुरातत्व विभाग को चित्तौडगढ़़ राजकीय संग्रहालय में रानी पद्मावती को प्रमुखता से दिखाने के लिए क्ले मॉडल लगवाने के लिए भी कहा है। पुरातत्व विभाग ने आननफानन में इसकी कवायद शुरू कर दी है।

प्रदेश में उपचुनाव पर नजर
चित्तौडगढ़़ संग्रहालय में पद्मावती के क्ले मॉडल लगाने और जौहर के सीन को प्रमुखता से रीक्रिएट करने की कवायद को प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में लोगों की नाराजगी से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि पद्मावती को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने से लोगों का गुस्सा कम हो। अजमेर और अलवर लोकसभा सीटों और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव तक सरकार किसी भी तरह से लोगों को आक्रोश कम करने में लगी है।

दिसम्बर में ही उद्घाटन
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चित्तौडगढ़़ म्यूजियम में रानी पद्मावती की पेंटिंग्स लगी हुई हैं, अब चित्तौडगढ़़ म्यूजियम में उन्हें प्रमुखता दी जाएगी। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। पद्मावती की पेंटिंग के आधार पर क्ले मॉडल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही जौहर के सीन को रीक्रिएट करने पर भी काम शुरू हो जाएगा। दिसम्बर में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काम पूरा होते ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।

पेंटिंग्स के आधार पर बनेगा क्ले मॉडल
जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग चित्तौडगढ़़ संग्रहालय में बनी पेंटिंग्स के आधार पर पद्मावती के क्ले मॉडल बनवा रहा है। क्ले मॉडल विशेष मिट्टी से बने प्रतिरूप होंगे, जो हूबहू पद्मावती जैसे दिखेंगे। विभाग ने क्ले मॉडल बनाने के लिए पद्मावती की चित्तौडगढ़़ में उपलब्ध पेंटिंग्स को चुना है। पद्मावती का इतिहास 500 साल से ज्यादा पुराना है और उस समय का कोई चित्र मौजूद नहीं है। बताया जा रहा है कि चित्तौडगढ़़ में पद्मावती की जो पेंटिंग्स उपलब्ध है, वे चित्तौड़ की लोक मान्यताओं और कवि मलिक मोहम्मद जायसी के साहित्य में वर्णन पर आधारित हैं। पद्मावती के ऐतिहासिक जौहर के सीन को भी संग्रहालय में रीक्रिएट किया जाएगा।