
जयपुर। अंग्रेजी बोलना और समझना आज उतना ही जरूरी हो गया है, जितना की अच्छी शिक्षा प्राप्त करना। अंग्रेजी के इसी महत्व को देखते हुए अब राज्य सरकार का शिक्षा विभाग प्रदेश के स्टूडेंट्स को इंग्लिश सिखाएगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने हाल ही एक एंड्रॉइड एप 'अपर' जारी किया है। यह प्रदेश के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क है। एक बार डाउनलोड करने के बाद यह सुविधा ऑफ लाइन उपलब्ध रहेगी। यह एप विद्यार्थियों के अंग्रेजी भाषा के ज्ञानवर्धन के लिए हैली इंग्लिश एजेंसी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।
तीन महीने का है कोर्स
एप से अंग्रेजी सीखने के लिए विद्यार्थियों को करीब तीन महीने का कोर्स पूरा करना होगा। प्रथम चरण में कॉलेज आयुक्तालय स्तर पर प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों को यह एप डाउनलोड कराने के लिए करीब तीन लाख विद्यार्थियों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। इससे उच्च शिक्षा ले रहे करीब 15 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
रोज मिलेगा नया टॉस्क
सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए विद्यार्थियों को रोज नया टास्क दिया जाएगा। जिसमें वॉट्स एप के लिए रोज नई शॉर्ट फॉर्म दी जाती हैं। कॉलेज जिला व राज्य स्तर पर विद्यार्थियों को रैंक दी जाती है। कॉलेज आयुक्तालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी करीब सात हजार विद्यार्थी इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं। यह एप सभी सरकारी व निजी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षा और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के लिए है।
होम वर्क भी मिलता है
एप डाउनलोड करने के बाद विद्यार्थी को रोजाना लेसन दिए जाते हैं। इसके साथ ही भाषा शुद्धता, ऑडियो, गेम्स आदि भी विद्यार्थियों को इस एप पर मिलते हैं। एप पर विद्यार्थियों के लिए कई नए शब्द भी रोजाना दिए जाते हैं।
वॉट्स एप के शब्द भी सिखाएंगे
वॉट्स एप या चैट पर बात करते समय लोग अक्सर संक्षिप्त शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। ये विशिष्ट रूप से अंग्रेजी के शब्द नहीं होते, लेकिन जल्दी सीखने के लिए लोग इनका इस्तेमाल करते हैं।
संक्षेप शब्द और उनका मतलब
एलओएल— लॉफ आउट लाउड— जोर से हंसना
बीआरबी— बी राइट बैक— मैं अभी वापस आता हूं
टीटीवाईएल— टॉक टू यू लेटर— बाद में बात करते हैं
बीटीडब्ल्यू— बाई द वे— वैसे
बीएफएफ— बेस्ट फ्रेंडस फॉर एवर— सबसे अच्छा दोस्त हमेशा के लिए
डीएम— डायरेक्ट मैसेज— सीधे मैसेज करना
आईडीके— आई डॉन्ट नो— मुझे नहीं पता
आईएमएचओ— इन माई हंबल ओपीनियन— मेरी नजर में
डब्ल्यूओ— विदआउट— के बिना
Published on:
8 Sep 2017, 8:37 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.