
जयपुर।
राज्यपाल कलराज मिश्र आज से उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास पर हैं। मिश्र आज सुबह राजकीय विमान से लखनऊ के लिए जयपुर से रवाना हुए। प्रवास के दौरान मिश्र विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। उनके 31 अगस्त को जयपुर लौटने का कार्यक्रम है।
तीन दिनी दौरे के पहले दिन राज्यपाल कलराज मिश्र आज लखनऊ स्थित सहकारिता भवन में आयोजित 'भारतीय संस्कृति और समाज के उत्थान में विद्वतजनों की भूमिका' विषयक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने डीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया और अपने उद्बोधन में सम्बंधित विषय पर अपनी बात रखी।
रामलला के करेंगे दर्शन, जाएंगे हनुमानगढ़ी
राज्यपाल कलराज मिश्र कल सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी जाने का भी कार्यक्रम है। मिश्र इस दौरान रामलला के दर्शन करेंगे। वे मंदिर में निर्माण कार्यों का जायज़ा और राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा भी कर सकते हैं।
यूपी दौरे के निकाले जा रहे कई मायने
राज्यपाल कलराज मिश्र तीन दिन तक उत्तर प्रदेश में रहकर कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इस दौरान उनका कई शीर्ष स्तर के नेताओं से मेल-मुलाकातों का भी सिलसिला चलेगा। मिश्र के इस दौरे को लेकर कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। लिहाज़ा भाजपा की कोशिश राज्य के ब्राह्मणों के बड़े वोट बैंक को और मजबूत करने की दिखाई दे रही है।
मिश्र ने आज जिस 'भारतीय संस्कृति और समाज के उत्थान में विद्वतजनों की भूमिका' विषयक सम्मेलन में शिरकत की है, उसका उद्देश्य भी कुछ इन्हीं वजहों को आधार मानकर निकाला जा रहा है। इस सम्मेलन में मिश्र के अलावा केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और अजय मिश्रा टेनी सहित कई वरिष्ठ ब्राह्मण नेता भी शिरकत करेंगे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों हर राजनीतिक दल ब्राह्मणों को अपने पक्ष में करने पर फोकस कर रहा है। इसका अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य पार्टियों ने भी ब्राह्मणों को टारगेट करते हुए ब्राह्मण सम्मेलन के आयोजन करने तेज़ कर दिए हैं।
Published on:
29 Aug 2021 02:47 pm
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