
23 साल बाद आखिरकर मिल गया इंसाफ, फैसला सुनते है रो पड़ा वो...
1996 में राजस्थान के दौसा में एक बस में बम ब्लास्ट हुआ जिसमें 14 लोग मारे गये और 37 घायल हुए। उसी में शक के आधार पर कश्मीर के रहने वाला मिर्जा निसार के साथ 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था मिर्जा निसार उस समय 16 साल के थे लेकिन पुलिस ने उसे वयस्क बताकर गिरफ्तार किया। अब 23 साल बाद छह लोगों को बरी किया गया है वहीं एक को एक को 2014 में बरी किया गया और बाकी बचे लोगों को अब जाकर बरी किया गया है। इन छह में से पांच तो रिहा हो गए। बाकी इनसे अलग जावेद खान अभी भी तिहाड़ जेल में बंद है। जावेद लाजपत नगर ब्लास्ट केस में भी आरोपी है। 23 साल बाद मिर्जा निसार के परिवार के कई सदस्य गुज़र गये! इस बीच इनके घर में पैदा हुए किसी नये बच्चे को ये लोग पहचान तक नहीं पाते! साथ ही उसपरआतंकवादी होने का झूठ धब्बा और लग गया
Published on:
25 Jul 2019, 2:34 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.