4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आरएएस मेन्स को  राजस्थान हाईकोर्ट की हरी झंडी

हाईकोर्ट ने राजस्थान प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2013 के तहत 25 फरवरी को होने वाली मुख्य परीक्षा को हरी झंडी दे दी।

2 min read
Google source verification

image

Jyoti Kumar

Feb 06, 2016

हाईकोर्ट ने राजस्थान प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2013 के तहत 25 फरवरी को होने वाली मुख्य परीक्षा को हरी झंडी दे दी। कोर्ट ने प्रश्नपत्र व उत्तरकुंजी पर आपत्तियां मांगने व विशेषज्ञ कमेटी से रिपोर्ट लेने के लिए समयसीमा तय करते हुए आवश्यक होने पर परिणाम फिर से जारी करने को भी कहा है।

न्यायाधीश मनीष भण्डारी ने अशोक मीणा व अन्य की भर्ती संबंधी एक दर्जन याचिकाएं शुक्रवार को निस्तारित कीं। सुनवाई के दौरान राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष डॉ. ललित के पंवार हाजिर रहे। कोर्ट ने परीक्षा कार्यक्रम यथावत रखने पर जोर दिया।

हिदायत भी दी
कोर्ट ने कहा, भविष्य में विशेषज्ञ कमेटी को आयोग द्वारा सही माना गया उत्तर नहीं बताया जाए ताकि कमेटी की निष्पक्ष व स्वतंत्र राय आ सके। आयोग यूपीएससी का पैटर्न अपनाए तो स्थानीय स्थितियों को ध्यान में रखे।

विशेषज्ञ रिपोर्ट सही नहीं
प्रार्थी पक्ष के वकील विज्ञान शाह व रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया, उत्तरकुंजी जारी नहीं होने से पारदर्शिता पर सवाल उठा है। विशेषज्ञ कमेटी ने तथ्यों के विपरीत राय दी है। आयोग की ओर से महाधिवक्ता नरपतमल लोढ़ा, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद और आयोग वकील अमित कुड़ी ने कहा, आपत्तियों पर विशेषज्ञ राय के बाद आठ प्रश्न रद्द किए गए। आयोग और अभ्यर्थियों के हित में प्रक्रिया से रोक हटाई जाए।

24 हजार अभ्यर्थी
आरएएस मुख्य परीक्षा 25 से 28 फरवरी तक सभी संभाग मुख्यालयों पर होगी। इसमें 24,079 अभ्यर्थी बैठेंगे।

विवादित प्रश्न व उत्तर
प्रश्न- राज्य में किस नदी का ड्रेनेज क्षेत्र कम है।
उत्तर- आरपीएससी के अनुसार वाकल नदी जबकि जल संसाधन विभाग के अनुसार साबरमती नदी।
प्रश्न- कितनी सेवाओं को राजस्थान लोक सेवाओं की प्रदायगी की गारंटी दी गई है।
उत्तर- आरपीएससी के अनुसार 108 सेवाएं जबकि वर्ष 2012 की अधिसूचना के अनुसार 153 है।
परीक्षा समय पर कराएंगे। छह माह में ऑनलाइन परीक्षाओं की व्यवस्था कर लेंगे। तब पेपर लीक की समस्या से निजात मिल जाएगी। जिन परीक्षाओं में एेसा संभव नहीं होगा, वे ही ऑफलाइन होंगी। वर्णनात्मक प्रश्नों के अंक औसत निकाल कर तय होंगे और विशेषज्ञों के रूप में उच्च प्रतिष्ठित लोगों का चयन करेंगे।
डॉ. ललित के पंवार, अध्यक्ष आरपीएससी

9 विशेषज्ञ पर की गई कार्रवाई
आरपीएससी ने शपथ पत्र में बताया, जुलाई 2012 के बाद 9 विशेषज्ञ व प्रश्नपत्र बनाने वालों पर कार्रवाई की है। द्वितीय श्रेणी शिक्षक भती-2008 (उर्दू व हिन्दी), व्याख्याता भर्ती 2010, आरएएस भर्ती-2012, होम्यो. चिकित्सक भर्ती-2010, दंत चिकित्सक भर्ती-2010 व सेट परीक्षा-2012 के प्रश्नपत्र निर्माता या विशेषज्ञों को काली सूची में डाला है। 2900 से 4675 रुपए तक जुर्माना लगाया। इन पर एक गाइड से प्रश्न लेने व गोपनीयता भंग करने का आरोप है।

संबंधित खबरें


पारदर्शिता का रखें ध्यान
कोर्ट ने आयोग अध्यक्ष पंवार से कहा, पारदर्शिता का ख्याल रखें। एेसा काम न हो, जिससे साख पर सवाल उठे। गलत उत्तर को सही मानने पर अपात्र का चयन हो जाता है, वहीं मेरिट वाले अभ्यर्थी हक से वंचित रह जाते हैं।

गड़बड़ी की शिकायत
कोर्ट के बाहर एपीपी व कनिष्ठ लेखाकार भर्ती के अभ्यर्थियों ने पंवार से गड़बड़ी की शिकायत की। पंवार ने भरोसा दिलाया कि किसी को नुकसान नहीं होने देंगे।