भीड़भाड़ वाले इलाकों में नहीं जाए जज और मजिस्ट्रेट, राजस्थान हाईकोर्ट की सलाह, जानें पूरा मामला

झारखंड व यूपी में जजों पर जानलेवा हमलों से प्रदेश में भी चिंता, हरकत में आया हाईकोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट ने जारी की एडवाइजरी, न्यायिक अधिकारी भीडभाड वाले इलाकों में नहीं जाएं, न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के बारे में एक सप्ताह में मांगी जानकारी

By: pushpendra shekhawat

Published: 31 Jul 2021, 10:18 PM IST

शैलेन्द्र अग्रवाल / जयपुर। झारखंड़ में वॉक पर निकले न्यायिक अधिकारी की हत्या और उत्तरप्रदेश में न्यायिक अधिकारी को कार से टक्कर मारकर हत्या के प्रयास की घटनाओं के बाद राजस्थान हाईकोर्ट भी हरकत में आ गया है। हाईकोर्ट ने सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी कर न्यायिक अधिकारियों से भीडभाड़ वाले इलाकों में नहीं जाने को कहा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को उनके अधीन जज एवं मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा का रिव्यु करने के निर्देश भी दिए हैं।


हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल की ओर से सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को सुरक्षा के संबंध में पत्र लिखा गया है। इसमें सभी जिला न्यायाधीशों से अधिकारियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों के बारे में एक सप्ताह में जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर न्यायिक अधिकारियों को सलाह दी है कि वे मर्ॉिनंग वॉक और उससे जुडी गतिविधियों के लिए सिर्फ पार्क या पास की सुरक्षित जगह पर ही जाएं।

यह भी कहा गया है कि किसी न्यायिक अधिकारी को सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो तो वे तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारी को उसकी सूचना दें। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऐसे अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर संबंधित पुलिस अधीक्षक से बात करेंगे। सुरक्षा को खतरा बताने वाले अधिकारियों के बारे में हाईकोर्ट प्रशासन को भी जानकारी देने को कहा गया है।


हाईकोर्ट का आदेश भी दो साल से ठंडे बस्ते में
हाईकोर्ट राजगढ़ बार एसोसिएशन की याचिका पर 2019 में प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा का आदेश दे चुका है, लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन व न्यायिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से अब तक इसकी पालना नहीं की गई है। कुछ समय पहले न्यायिक अधिकारियों की कॉलोनी में चोरी की घटना बढ़ने पर न्यायिक अधिकारी एसोसिएशन ने मुख्य सचिव और डीजीपी को सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन उसके बाद भी पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। उधर, पुलिस का कहना है कि 2019 के हाईकोर्ट आदेश के बाद जिला न्यायाधीशों को कलक्टर व पुलिस अधीक्षकों के समान सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

pushpendra shekhawat Desk
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