
भोपाल में धरने के दौरान सचिन पायलट और हरीश चौधरी
राजस्थान कांग्रेस के दो सबसे बड़े चेहरे, सचिन पायलट और हरीश चौधरी, इस समय मध्य प्रदेश की जमीनी राजनीति में पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश से कांग्रेस की अधिकृत राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिया गया, जिसके बाद कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। इस प्रशासनिक फैसले के विरोध में नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर और मध्य प्रदेश में भोपाल स्थित निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग कार्यालय) के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। इन धरनों की सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और बायतू विधायक हरीश चौधरी ने न केवल इस प्रदर्शन में भाग लिया, बल्कि चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर ही सड़क पर पूरी रात बिताई।
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान के ये दोनों नेता राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के लिए संकटमोचक की भूमिका में नजर आए हैं, लेकिन नई दिल्ली और भोपाल की सड़कों पर उनका यह आक्रामक और जुझारू रूप लंबे समय बाद देखने को मिला है। वर्तमान में सचिन पायलट के पास अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय महासचिव की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके कारण देश के किसी भी राज्य में होने वाले राजनैतिक संकट पर उनकी सीधी नजर रहती है।
वहीं दूसरी तरफ, मारवाड़ अंचल के बाड़मेर जिले की बायतू सीट से विधायक हरीश चौधरी वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी की मुख्य भूमिका संभाल रहे हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन की कमान हरीश चौधरी के हाथों में होने के कारण राज्यसभा चुनाव के इस बड़े घटनाक्रम पर उनका सीधे तौर पर मोर्चा संभालना पूरी तरह स्वाभाविक था। इन दोनों राजस्थानी नेताओं ने भोपाल पहुंचकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है।
भोपाल में शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन पूरी रात चलता रहा। जैसे-जैसे रात ढलती गई, कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं का जमावड़ा भी धरना स्थल पर बढ़ता चला गया। धरने में शामिल नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर ही लोकतंत्र की रक्षा के नारों के साथ पूरी रात जागरण किया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कांग्रेस के ये शीर्ष नेता प्रशासनिक दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हुए। उनका साफ कहना था कि जब तक इस फैसले की समीक्षा नहीं की जाती, वे अपनी जगह से नहीं हिलेंगे।
धरना स्थल से मीडिया से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान के विधायक हरीश चौधरी ने बेहद तल्ख और सीधे शब्दों में सत्तापक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पूरी कार्रवाई को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा करार दिया।
हरीश चौधरी ने अपने बयान में कहा, "चुनाव आयोग के माध्यम से आज 'वोट चोरी' के बाद 'सीट चोरी' का क्रम मध्य प्रदेश में शुरू किया गया है। हमें हर हाल में इस देश को बचाना है, देश के पवित्र संविधान को बचाना है और हमारे लोकतंत्र को जिंदा रखना है... इसके लिए हमें हर कानूनी और सामाजिक दिशा में लड़ाई लड़नी होगी। देश को बचाने के लिए कांग्रेस का एक-एक छोटा कार्यकर्ता और देश का हर वो आम नागरिक जो संविधान में विश्वास रखता है, ये लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा... हम इस तानाशाही के खिलाफ न्यायपालिका (Court) में भी लड़ेंगे और चुनाव आयोग के समक्ष भी पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे..."
उधर नई दिल्ली में धरने के दौरान अपने चिर-परिचित और गंभीर अंदाज में नजर आए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक बेहद खतरनाक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक संस्थाओं का इस प्रकार से दुरुपयोग किया जाना आम जनता के अधिकारों का खुला हनन है।
सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा, "प्रत्याशी के खिलाफ न कोई FIR है और न ही कोई चार्जशीट, फिर भी नामांकन रद्द कर दिया गया। हमारे उम्मीदवार का निर्वाचन बिना किसी आधार पर रद्द किया गया है। लोकतंत्र में यदि हम यहां(निर्वाचन आयोग के पास) नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे?..."
पायलट ने अपने संबोधन में कहा, ''यह पूरा विवाद सिर्फ किसी एक व्यक्ति के नामांकन या महज एक राज्यसभा सीट को हासिल करने का सामान्य मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के भीतर हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की मजबूत आवाज को दबाने की कोशिशों से जुड़ा एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल है। अगर चुनी हुई संस्थाएं इस तरह एकतरफा फैसले लेने लगेंगी, तो आम जनता का इस पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। हम इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।"
Updated on:
10 Jun 2026 09:57 am
Published on:
10 Jun 2026 08:48 am
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