जयपुर

जानिए क्या है राजस्थान निवेश प्रोत्साहन स्कीम 2022 (RIPS 2022)

राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई इस स्कीम का उद्देश्य नए उद्योगों को प्रोत्साहन देना एवं पुराने उद्योगों में नए निवेश को प्रोत्साहन देना है I यह स्कीम 07 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी और इसे समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकता है।

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Jul 03, 2023
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राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई इस स्कीम का उद्देश्य नए उद्योगों को प्रोत्साहन देना एवं पुराने उद्योगों में नए निवेश को प्रोत्साहन देना है I यह स्कीम 07 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी और इसे समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकता है।

रिप्स 2022 के तहत एमएसएमई क्षेत्र के लिए पात्रता

(ए) मैन्युफैक्चरिंग इकाइयाँ
सभी एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयाँ(तंबाकू/पान मसाला, गाय का मांस, वातित जल संयंत्र, खुदरा/व्यापारिक गतिविधि, अन्य निषिद्ध गतिविधि को छोड़कर) रिप्स 2022 के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।

(बी) सेवा उद्यम

निम्न व्यवसाय में लगे सेवा उद्यम RIPS2022 के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं:-

कोल्ड चेन स्टोरेज
कांफ्रेंस हाल
इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर
हेल्थ केयर
आईटी और फिनटेक
होटल और पर्यटन
मनोरंजन
फिल्म सिटी
फार्मास्यूटिकल्स में कोल्ड चेन
कॉमन यूटिलिटी सेंटर
कृषि उत्पादों का संरक्षण

रिप्स 2022 के तहत एमएसएमई इकाइयों के लिए लाभ:

एमएसएमई इकाइयों को उनके द्वारा जमा किये गए एसजीएसटी टैक्स का 75% राशि 7 वर्षों की अवधि के लिए निवेश सब्सिडी के रूप में रिफंड होती है I
ब्याज सब्सिडी: RIPS 2022 के तहत MSME इकाइयों के लिए ब्याज सब्सिडी का लाभ 5 वर्ष के लिए दिया गया है l MSME इकाइयों के लिए RIPS 2022 के तहत ब्याज सब्सिडी के स्लैब नीचे दिए गए हैं:


ऋण राशि - ब्याज सब्सिडी (%)
एक करोड़ से पांच करोड़ - 6%
पांच करोड़ से दस करोड़ - 4%
दस करोड़ से पचास करोड़ - 3%

लाभ भी मिलेंगे:

(i) इलेक्ट्रिसिटी डयूटी के शत-प्रतिशत भुगतान से सात वर्ष तक छूट
(ii) सात वर्षों के लिए भूमि कर के 100% भुगतान से छूट
(iii) सात वर्ष के लिए मंडी शुल्क (मंडी शुल्क) के 100% भुगतान से छूट
(iv) व्यापर हेतु ली गई भूमि की रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टाम्प डयूटी में 100% की छूट
(v) व्यापर हेतु ली गई भूमि के कनवर्जन चार्ज में 100% की छूट

4.रोजगार सृजन सब्सिडी:
पात्र एमएसएमई इकाइयों के नियोक्ता को उसके द्वारा ईपीएफ और ईएसआई में जमा किये गयी राशि का 50 % रिफंड मिलेगा l यह रिफंड नियोक्ता को सात वर्षो तक मिलेगा ।

5. हरित प्रोत्साहन:
(i)नियोक्ता द्वारा जल लेखापरीक्षण पर खर्च की गई लागत का 50% की राशि का रिफंड मिलेगा इसमें अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये की होगी l जल उपकरण पर खर्च किये गए लागत का अधिकतम 20 लाख तक का रिफंड मिलेगा l
(ii ) वेस्ट पानी को रिसाइकल कर दुबारा प्रयोग में लाने एवं वर्षा जल को इकठ्ठा करने के लिए खरीदे गए उपकरणों की लागत का 50% का रिफंड मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 7.50 लाख रुपये तक होगी l
(iii) वेस्ट मटेरियल के प्रबंधन के लिए ख़रीदे गए उपकरण की लागत का 50% रिफंड मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1 करोड़ रुपये तक होगी l

6. अन्य प्रोत्साहन:
1. निर्यात के लिए लिए गए गुणवत्ता प्रमाण पत्र या प्रोसेस प्रमाण पत्र पर खर्च की गई लागत का का 50% रिफंड मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक होगी l
2. पेटेंट प्राप्त करने की लागत का 75% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी,जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये होगी
3. एसएमप्लेटफॉर्म के माध्यम से फंड (पूंजी) जुटाने की प्रक्रिया में किए गए निवेश के 50% की छूट मिलेगी , जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये तक होगी l

नितेश नोसादर, फाइनेंस विशेषज्ञ, जयपुर

Published on:
03 Jul 2023 06:13 pm
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