
नए BJP अध्यक्ष नितिन नवीन। (Photo-IANS)
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में नितिन नबीन के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। खास तौर पर राजस्थान बीजेपी में यह चर्चा जोरों पर है कि नबीन अपनी नई टीम में राज्य से किन नेताओं को जगह देंगे और किन्हें इंतजार करना पड़ सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नबीन के नेतृत्व में संगठन में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि वे अपनी टीम बनाते समय 60 साल से कम उम्र के नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि रखने वालों और मजबूत संगठनात्मक अनुभव वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसी वजह से राजस्थान के कई नेता खुद को इस दौड़ में आगे मान रहे हैं।
बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान से कई वरिष्ठ और मंझोले स्तर के नेता राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी पाने की दौड़ में हैं। जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, राष्ट्रीय सचिव अलका सिंह गुर्जर और अजमेर की विधायक अनीता भदेल शामिल हैं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब सिर्फ अनुभव ही नहीं, बल्कि संगठन के प्रति अनुशासन, चुनावी प्रदर्शन और जमीनी कामकाज भी अहम होगा। ऐसे में कई पुराने चेहरों के साथ-साथ कुछ नए नेताओं को भी मौका मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होंगे। बीजेपी इसे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की पहली बड़ी परीक्षा मान रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों से अनुभवी नेताओं को बंगाल चुनाव अभियान में लगाया जा सकता है। खासतौर पर उन इलाकों में फोकस रहेगा, जहां मारवाड़ी समाज की अच्छी खासी आबादी है। पार्टी का मानना है कि राजस्थान के नेताओं का संगठनात्मक अनुभव वहां काम आ सकता है।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली में उन्हें बधाई दी। इस दौरान उन्हें राजस्थान आने का निमंत्रण भी दिया गया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नबीन जल्द ही राजस्थान का दौरा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वे शहरी निकाय और पंचायत चुनावों से पहले प्रदेश बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इस दौरे को आने वाले चुनावों की रणनीति तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान बीजेपी में नई उम्मीदें और नई संभावनाएं दोनों ही चर्चा में हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान से किसे मौका मिलता है।
Published on:
23 Jan 2026 07:57 pm
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