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2025 तक 30 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य

आने वाले चार वर्षों में राजस्थान देश में सबसे ज्यादा ऊर्जा उत्पादन करने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। राज्य सरकार की तैयारियां बताती हैं कि वर्ष 2025 तक राजस्थान में विद्युत उत्पादन क्षमता में करीब 30 हजार मेगावाट का इजाफा हो जाएगा।

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सौर ऊर्जा से बदलेगी पावर सेक्टर की तस्वीर
ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने मंगलवार को विधानसभा में विधायक अर्जुन लाल जीनगर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि राज्य सरकार का प्रदेश में वर्ष 2024-25 तक 30 हजार मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है।
विधानसभा में ऊर्जा मंत्री ने दी जानकारी
डॉ. कल्ला ने प्रश्न काल में इस संबंध में लिखित जवाब में जानकारी दी कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सोलर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा नीति-2019 जारी की है, इसमें वर्ष 2024-25 तक 30 हजार मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक-एक हजार मेगावाट के सोलर पंप
इसके तहत 24 हजार मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्र/सोलर पार्क, 4 हजार मेगावाट क्षमता का विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादन तथा एक-एक हजार मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप एवं सोलर पंप स्थापित करने का लक्ष्य है।
किसान भी लगा सकते हैं संयंत्र
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान विद्युत वितरण निगमों के 33/11 केवी सब स्टेशन से 5 किलोमीटर की दूरी में अनुपयोगी या बंजर भूमि पर 0.5 मेगावाट क्षमता से 2 मेगावाट क्षमता तक के विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम की ओर से इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी इच्छुक आवेदनकर्ताओं से सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने अथवा भूमि लीज पर देने के प्रस्ताव आमंत्रित किये गये थे।
मिले 12 हजार से ज्यादा प्रस्ताव
इस योजना के तहत कुल 12 हजार 853 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस योजना के अन्तर्गत सौर ऊर्जा उत्पादकों के चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस योजना के तहत विद्युत की खरीद 25 वर्ष तक 3.14 रुपये प्रति यूनिट दर से की जाएगी।