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कुख्यात जालसाज गैंग : 6 राज्यों में कार्ड बदलकर एटीएम से रुपए निकालने की 200 से अधिक वारदत की, सरगना सहित चार गिरफ्तार

राजस्थान में जयपुर शहर, पावटा, कोटपुतली में भी की वारदात, 69 एटीएम कार्ड, दो छोटे गैस कट्टर व स्प्रे की बोतल बरामद

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जयपुर. कमिश्नरेट पुलिस की जिला स्पेशल टीम उत्तर ने एटीएम कार्ड बदल रुपए निकालकर ठगी करने वाली गैंग के सरगना सहित चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी परिस देशमुख ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने राजस्थान में जयपुर शहर, पावटा, कोटपुतली और हरियाण, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में गत दो वर्षों में 200 से अधिक ठगी की वारदात करना कबूला है। मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित लोनी निवासी आसिफ उर्फ चांद उसका छोटा भाई आजीम और शादाब व वाजिद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एक कार, अलग-अलग बैंकों के 69 एटीएम कार्ड, दो छोटे गैस कट्टर व स्प्रे की बोतल बरामद की है। आरोपी एटीएम पर रुपए निकालने वाले लोगों को झांसा देकर उनका कार्ड बदल लेते और फिर उस कार्ड से पीडि़त के खाते से रुपए निकाल लेते।

पकडऩे में इनकी रही भूमिका

आरोपियों को सुभाष चौक में शुक्रवार को नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया। गैंग के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका इंस्पेक्टर रामफूल मीणा, जयप्रकाश पूनिया, एएसआई हरिओम सिंह और कांस्टेबल ओमवीर सिंह की रही। सुभाष चौक थाना पुलिस गैंग से नकबजनी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

इधर, फर्जी ई चालान में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच

फर्जी ई चालान के मामले में कमिश्ररेट की एसआइटी अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने में जुटी है। जल्द ही प्रकरण से जुड़े कर्मचारी जल्द पुलिस की गिरफ्त में आएंगे। एसआइटी के इंचार्ज एडिशनल डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि अनुसंधान में जिस भी सरकारी अधिकारी व कर्मचारी का नाम सामने आया है, उन्हें जल्द नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसआइटी ने अभी तक प्रकरण में वेंडर, ई-मित्र संचालक सहित निजी काम करने वाले 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर, बताया जाता है कि पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने भी खुद के स्तर पर घोटाले की जांच करवाई है। इसमें 24 से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों को दोषी माना है।