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राज्यों में मुफ्त सुवधिाएं देने पर केन्द्रीय सचिव विनी महाजन की दो टूक—पानी बहुमत कीमती, मुफ्त में न देकर वसूला जाए यूजर चार्ज

चेताया—अगर पानी फ्री में दिया तो लोग करेंगे इसे ज्यादा बर्बाद

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जयपुर.

मुफ्त सुविधाएं देने की राज्यों की बढ़ती प्रवृत्ति पर उठ रहे विवादों के बीच केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सचिव विनी महाजन ने जल जीवन मिशन के तहत मुफ्त में सेवाएं देने की बजाय यूजर चार्ज वसूलने की वकालत की है। महाजन ने जल जीवन मिशन पर हुई एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम मिशन की पेयजल परियोजनाओं के ओएंडएम की बात करते हैं तो गाइड लाइन में तय है कि यूजर से चार्ज लिया जाए।

अगर जल जीवन मिशन के तहत हम पेयजल परियोजनाओं पर आया खर्च लाभार्थी से नहीं लेंगे तो इसे करदाता से वसूला जाएगा। हो सकता है राज्य सोचें कि हम अपने बजट से प्रबंध कर देंगे और यूजर को देने की जरूरत नहीं है। वजह यह है कि बिना कीमत के पानी की कोई कीमत कोई नहीं समझेगा। इसलिए राज्य सरकारों को यूजर चार्ज हर हाल में लेना चाहिए।

ईआरसीपी के नए प्रस्ताव पर हो विचार-शेखावत

कार्यशाला के बाद केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य को परवन प्रोजेक्ट के तहत 7 हजार करोड़ में से 733 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। राज्य सरकार ईआरसीपी के लिए नेशनल वॉटर डवलपमेंट एजेंसी की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव पर विचार करे। विभाग चंबल से सिंचाई का पानी कम लेकर कालीसिंध से पानी ले। चंबल कमांड का जो पानी है उसे मध्य प्रदेश को दे दो। बैठक में साबरमती के पानी को लेकर भी चर्चा हुई।

महाजन ने किया पेयजल परियोजनाओं का दौराजल शक्ति मंत्रालय की केन्द्रीय सचिव विनी महाजन शनिवार अपने दो दिवसीय राजस्थान दौरे के पहले दिन जयपुर जिले के मंडाभोपावास गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल परियोजनाओं का काम देखा।


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