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राजस्थान में जल जीवन मिशन को मिली नई रफ्तार, हर घर जल के लिए केंद्र सरकार ने दी 486 करोड़ रुपए की मंजूरी

Rajasthan JJM: केंद्र सरकार ने राजस्थान को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बड़ी राहत देते हुए 486 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है। यह राशि साल 2026-27 के प्रस्तावों के आधार पर, पहले चरण के दौरान राज्य द्वारा अपने स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में दी गई है।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 17, 2026

Rajasthan Jal Jeevan Mission

राजस्थान को केंद्र से जल जीवन मिशन के लिए 486 करोड़ की मंजूरी (फोटो-एआई)

Rajasthan Jal Jeevan Mission: जयपुर: केंद्र सरकार ने आखिर राजस्थान को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बड़ी वित्तीय राहत देते हुए 486 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह राशि राज्य सरकार को जल जीवन मिशन के पहले चरण की समाप्ति और जल जीवन मिशन 2.0 शुरू होने के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराने पर किए गए खर्च की केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

बता दें कि यह राशि साल 2026-27 के प्रस्ताव के आधार पर स्वीकृत की गई है। इसमें 277.91 करोड़ रुपए सामान्य श्रेणी, 160.65 करोड़ रुपए अनुसूचित जाति (एससीसी) और 47.48 करोड़ रुपए अनुसूचित जनजाति (एसटीसी) मद में शामिल हैं। राशि केंद्र और राज्य के 50:50 साझेदारी मॉडल के तहत स्वीकृत की गई है। जल जीवन मिशन में पूर्ववर्ती सरकार में हुए घोटाले के बाद राज्य सरकार ने इसमें कई तरह से होमवर्क करके केंद्र के मापदंड को पूरा किया है। जल जीवन मिशन के निदेशक राजन विशाल ने लंबे समय से रुकी हुई राशि को जारी कराने के लिए होमवर्क किया।

ये रहेगी निगरानी की शर्त

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं, जिन योजनाओं के लिए यह राशि दी जा रही है, उनसे जुड़ी सभी परिसंपत्तियों की जानकारी और उनकी लोकेशन 'सुजलम भारत' पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।

केंद्र सरकार के हिस्से की राशि

जल जीवन मिशन 1.0 के दौरान केंद्र सरकार की हिस्सेदारी राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च की थी। अब केंद्र सरकार उसी राशि की प्रतिपूर्ति कर रही है। अप्रैल 2024 के बाद बकाया राशि में से करीब 56 करोड़ की एक किस्त पहले आ चुकी है।
यह किया स्पष्ट

आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया किया है कि कि यह राशि नॉर्मल प्रोग्राम के तहत जारी की जा रही है। इसका उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा पहले से किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति करना है, ताकि जल जीवन मिशन के कार्यों की वित्तीय गति बनी रहे।

एससी-एसटी बहुल गांवों की योजनाओं पर ही होगा खर्च

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मद से मिलने वाली राशि का उपयोग केवल उन ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर किया जाएगा, जिनसे एससी और एसटी बहुल गांवों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाना है।

केंद्र से मिली यह स्वीकृति राजस्थान में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करेगी। केंद्र की सभी शर्तों का पालन किया जाएगा।
-वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव