Rajasthan Legislative Assembly राजस्थान विधानसभा में बिजली पर चर्चा के दौरान प्रदेश में बिजली कटौती का मामला उठा। विधायकों ने गांवों में सिर्फ 10 से 12 घंटे ही बिजली आने की बात कही।
Rajasthan Legislative Assembly जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बिजली पर चर्चा के दौरान प्रदेश में बिजली कटौती का मामला उठा। विधायकों ने गांवों में सिर्फ 10 से 12 घंटे ही बिजली आने की बात कही, वहीं किसानों को 4-5 घंटे ही बिजली मिलने का मामला उठाया। विधायकों ने सिक्यूरिटी राशि के नाम पर 5 हजार से 20 हजार रुपए जनता से वसूलने और ऑडिट के नाम पर बकाया निकालने को अवैध वसूली बताया।
विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहा कि फ्यूलचार्ज के नाम पर दरें बढ़ा दी गई। चार साल में उपभोक्ताओं के बिल की राशि दुगुनी हो गई। सिक्यूरिटी के नाम पर 5 हजार से 20 हजार रुपए जनता से वसूल की जा रही है। ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि 5 साल बाद ऑडिट निकाल रहे है, यह कर्मचारी की गलती है, उससे वसूली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में 10-12 घंटे ही बिजली आती है, इसके लिए अधिकारियों को पाबंद किया जाए। फाल्ट को ही ठीक करने में दो दिन लग जाते है, फाल्ट केा ठीक करने का समय तय किया जाए।
विधायक जोगेश्वर गर्ग ने कहा, बिजली बोर्ड को भंग करके 5 कंपनियां बनाई गई। जिस उद्देश्य के लिए ये कंपनियां बनाई गई, उस पर अब विचार करने का समय आ गया। बिजली कंपनियों का घाटा 80 हजार करोड से अधिक हो गया है। 72 घंटे में किसानों के ट्रांसफार्मर बदलने की बात कही थी, वे 72 दिन में बदल रहे है। विधायक पुखराज ने कहा, भोपालगढ क्षेत्र में किसानों को 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को सिर्फ 10 घंटे ही बिजली मिल रही है।