"जनप्रतिनिधि का चयन जाति, धर्म, धनबल या रिश्तेदारी के आधार पर नहीं, बल्कि उसके चरित्र, ईमानदारी, जनसेवा, पारदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण को देखकर होना चाहिए। पार्षद भले ही कम शिक्षित हो, लेकिन निष्पक्ष, न्यायप्रिय हो और विश्वसनीयता साबित कर चुका हो।"
-कमल सिंह भाटी