
राजस्थान के अरावली पर्वत श्रृंखला में एक ऐसा स्थान है जो बहुत ही रहस्यमय और आकर्षक है। यहां पर बारिश के मौसम में बरसात होती है तो यहां का रूप-रंग कुछ ऐसा होता है कि यह देखने वालों को बहुत ही प्रभावित कर देता है। इस स्थान में क्या-क्या रहस्य छुपे हैं, आइए जानते है…
प्रदेश के मारवाड़ इलाके में इस गोरम घाट को खासतौर से मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने के लिए बनाया गया था। गोरम घाट, यह अरावली पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यह बारिश के मौसम में एक जादुई स्वर्ग बन जाता है। मानसून के दौरान यह स्थान जीवंत हो उठता है और चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है। इस समय गोरम घाट का रूप-रंग इतना सुंदर होता है कि यह प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए एक प्रमुख जगह बन जाती है।
मानसून के समय अरावली की सूखी पहाड़ियां और घाटियां हरे रंग में तब्दील हो जाती हैं। पेड़ और पौधे तेजी से बढ़ते हैं, चारों ओर हरियाली फैल जाती है। जंगली फूल खिलने लगते हैं। जो चारों ओर रंग-बिरंगी छटा बिखेरते है। इन फूलों की खुशबू हवा में फैल जाती है जो मन को बहुत भाती है। मानसून के दौरान गोरम घाट धुंध और कोहरे से ढका हुआ रहस्यमयी और रोमांटिक लगता है।
पहाड़ और घाटियां धुंध में ढकी हुई अलग ही दुनिया का अहसास कराती हैं। धुंध से घिरे रास्तों पर चलना जादुई अनुभव होता है। बारिश के मौसम में गोरम घाट का वन्यजीवन भी बहुत सक्रिय हो जाता है। हिरण, तेंदुए और भालू जैसे जानवर भी आसानी से देखे जा सकते है। गोरम घाट का अनुभव करने का सबसे अच्छा तरीका पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाली हेरिटेज ट्रेन की सवारी है।
यह ट्रेन हरे-भरे पहाड़ों, सुरंगों और पुलों से होकर गुजरती है, जिससे चारों ओर के खूबसूरत दृश्य दिखाई देते हैं। ट्रेन की इस यात्रा के दौरान बारिश का आनंद लिया जा सकता है। यह ट्रेन यात्रा न केवल आरामदायक होती है बल्कि आपको क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का भी पूरा आनंद लेने का अवसर देती है। ट्रेन की खिड़कियों से बाहर का दृश्य मनमोहक होता है, जहां हरे-भरे पेड़, पहाड़ और झरने दिखाई देते हैं।
ट्रेकिंग का शौक रखने वालों के लिए बारिश के मौसम में गोरम घाट बेहतरीन जगह है। यहां के ट्रेकिंग मार्ग हरे-भरे जंगलों और झरनों से भरे होते हैं। ट्रेकिंग करते समय पक्षियों की मधुर आवाज़ और ताजगी भरी हवा से आनंद मिलता है। बारिश में भीगे पत्तों की खुशबू और दृश्य मन को सुकून देते है।
गोरम घाट का क्षेत्र न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी है। यहां के स्थानीय लोग अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं। स्थानीय मेले और त्यौहार इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करते हैं।
यात्रा के दौरान आरामदायक कपड़े और जूते पहनें। क्योंकि ट्रेकिंग और यात्रा के दौरान इन्हें पहनना सुविधाजनक रहता है। बारिश के मौसम में यात्रा करते समय छाता या रेनकोट साथ रखना न भूलें। यात्रा के दौरान कैमरा साथ ले जाएं, ताकि आप यहां की खूबसूरत यादों को कैद कर सकें। स्थानीय गाइड की मदद लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है जो आपको क्षेत्र की जानकारी और इतिहास से अवगत कराएगा।
अगर आप प्रकृति प्रेमी, वन्यजीवन के शौकीन या ट्रेकिंग के उत्साही हो तो गोरम घाट में हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। इस मानसून में गोरम घाट आये और राजस्थान में दार्जिलिंग का अनुभव करें। जहां की हरी-भरी घाटियां, झरने, धुंधला वातावरण और जीवंत वन्यजीवन आपके दिल को छू जाएगा।
Updated on:
14 Jun 2024 03:04 pm
Published on:
14 Jun 2024 02:58 pm
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