एफसीआइ के गोदामों में एक भी बोरी रखने की जगह नहीं बची है, जबकि मंडियों में गेहूं की आवक लगातार जारी है और यह खरीद 30 जून तक चलती रहेगी।
राजस्थान में भारतीय खाद्य निगम-एफसीआइ की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। इस बार 18 मई तक रिकॉर्ड 17.22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुई 9.08 लाख मीट्रिक टन खरीद से कहीं अधिक है। अब हालात यह हैं कि एफसीआइ के गोदामों में एक भी बोरी रखने की जगह नहीं बची है, जबकि मंडियों में गेहूं की आवक लगातार जारी है और यह खरीद 30 जून तक चलती रहेगी।
तीन महीने का राशन एक साथ आवंटित
गोदामों में जगह की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तीन महीने का गेहूं एक साथ आवंटित कर दिया है। खाद्य विभाग ने जून-जुलाई के लिए आवंटित गेहूं का उठाव 16 मई से शुरू कर दिया है। अगस्त माह के लिए आदेश बाद में जारी होंगे।
ठेका फर्मों की बढ़ी मुश्किलें
ठेकेदारों ने ट्रकों की संख्या दोगुनी कर दी है और गेहूं के अस्थायी भंडारण की व्यवस्था शुरू कर दी है। ठेका फर्मों के सामने अब गेहूं के अस्थायी भंडारण की समस्या भी खड़ी होने लगी है। दूसरी तरफ खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव बीएल जाट का कहना है कि गोदामों में जगह की कमी हो गई है। ऐसे में जून-जुलाई माह का गेहूं एक साथ आवंटित किया गया है।
| गेहूं खरीद की फैक्ट फाइल | (18 मई तक) |
| वर्ष 2025 | 17.22 लाख मीट्रिक टन |
| वर्ष 2024 | 9.08 लाख मीट्रिक टन |
| एजेंसीवार खरीद | |
| एफसीआइ | 11.82 लाख मीट्रिक टन |
| एनसीसीएफ | 2.26 लाख मीट्रिक टन |
| तिलम संघ | 2.11 लाख मीट्रिक टन |
| राजफेड | 49,869 मीट्रिक टन |
| नेफेड | 52,105 मीट्रिक टन |