
जयपुर/ बांसवाड़ा।
गहलोत सरकार ने जहां प्रदेश के उपभोक्ताओं को शुरूआती 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की घोषणा की है, वहीं इसका दूसरा पहलू ये भी है कि उपभोक्ताओं का एक तबका ऐसा भी है जो बिजली नहीं मिलने से या बिजली कटौती का दंश झेलने को मजबूर हैं। सरकार के वादे और दावे की ऐसी ही पोल खोलती घटना सामने आई है बांसवाड़ा से, जहां के लोग एक-दो नहीं, बल्कि तीन दिन तक बिजली नहीं मिलने से इतने ज़्यादा परेशान हो गए कि उन्हें अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ गया।
तीन दिन तक बिजली गुल
बांसवाड़ा जिले में मंगलवार दोपहर तेज़ अंधड़ और बारिश के आधे घंटे के दौर ने पूरे बिजली तंत्र को चरमराकर रख डाला था। स्थितियां इतनी ज़्यादा बिगड़ गई कि कई इलाकों में तो तीन दिन तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।
हाईवे पर उतरा 'आक्रोश', किया चक्काजाम
डूंगरपुर मार्ग से सटे लोधा पंचायत मुख्यालय पर गुरुवार को तीसरे दिन सुबह तक बिजली बहाल नहीं होने पर लोग तिलमिला उठे और हाईवे पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।सुबह करीब दस बजे बड़ी संख्या में महिलाएं-पुरुष हाइवे पर आ पहुंचे और अजमेर डिस्कॉम की बेपरवाही पर रोड जाम कर आक्रोश जताया।
सिचुएशन आउट ऑफ कंट्रोल, पुलिस से भी नहीं संभली स्थिति
सूचना पर राजा तालाब थाने का पुलिस दल पहुंचा और समझाइश के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बारे में इत्तला देने पर उपखंड अधिकारी प्रकाश चंद्र रेगर मौके पर पहुंचे।उन्हें गांव के कुरिया भाई पटेल, हीरजी पटेल, आदि ग्रामीणों ने बताया कि लोधा के आसपास की कॉलोनियां रोशन हैं, लेकिन पंचायत मुख्यालय पर तीन दिन से बिजली सप्लाई ठप है। अजमेर डिस्कॉम के अधिकारी नहीं सुन रहे।
मिला आश्वासन, खुला रास्ता
ग्रामीणों ने तत्काल लोधा को शहर से जोडकऱ बिजली बहाल करने की मांग की। इस पर मौके से उपखंड अधिकारी रेगर ने निगम के अभियंता से बात की। निगम की टीम टूटी लाइनें सुधारने में जुटी होने बताने पर उन्होंने दो-तीन घंटे में बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया। तब लोग माने और रास्ता खोलने पर राजी हुए।
महिलाओं में भी दिखा रोष
मौके पर महिलाओं में भी खासा रोष देखा गया। महिलाओं ने बताया कि बिजली नहीं होने से जल संकट से घरों में बच्चे-बड़े सभी परेशान होने से उनकी परेशानी दोगुनी हो गई। हाइवे पर उतरकर करीब पौन घंटे प्रदर्शन के चलते उधर डूंगरपुर रोड और इधर शहर की तरफ, वाहनों की कतारें लग गई। समझाइश करने के बाद मार्ग खुलने पर भी आवाजाही सुचारू करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
उधर, झांतला में भी बनी रही आफत
घाटोल मार्ग पर डीटीओ कार्यालय के करीब झांतला में भी यही हाल रहा। यहां तीन दिन से बिजली बंद होने से लोग त्रस्त रहे। ग्रामीणों ने बताया कि फोन पर निगम के अधिकारी उपलब्ध नहीं हो रहे।
इनका कहना है...
बांसवाड़ा शहर में तकरीबन शत प्रतिशत बिजली बहाल कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ जगह लाइनों का काम चल रहा होने से दिक्कत है। 75 फीसदी सप्लाई चालू कर दी है। शेष के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं। पीएस नायक, अधिशासी अभियंता अजमेर डिस्कॉम बांसवाड़ा
Published on:
02 Jun 2023 03:21 pm

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