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गहलोत सरकार के इस खास विधेयक प्रारूप को मिली मंजूरी, पारित होते ही इनको मिलेगा बड़ा फायदा

गहलोत सरकार के इस खास विधेयक प्रारूप को मिली मंजूरी, पारित होते ही इनको मिलेगा बड़ा फायदा

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जयपुर

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rohit sharma

Jan 17, 2019

Ashok Gehlot's rise in the face of Rahul Gandhi and congress

Ashok Gehlot's rise in the face of Rahul Gandhi and congress

जयपुर।

राजस्थान में गहलोत सरकार के नए विधेयक के प्रारूप को मंजूरी मिल गई है। अब पंचायती राज संस्थाओं में सरपंच आदि प्रतिनिधियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता खत्म करने का संशोधन विधेयक पारित करवाया जाएगा।

राज्य मंत्रिमण्डल ने पंचायतीराज संस्थाओं तथा नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के प्रावधान को समाप्त करने के लिए ‘‘राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2019‘‘ एवं ‘‘राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2019‘‘ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। ये दोनों विधेयक विधानसभा के वर्तमान सत्र में ही सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।

इन संशोधन विधेयकों के पारित होने से पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों में निर्वाचन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान समाप्त हो जाएगा। इससे सभी नागरिकों को इन संस्थाओं में निर्वाचन के लिए समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में 29 दिसम्बर, 2018 को हुई मंत्रिमण्डल की पहली ही बैठक में सत्ता के विकेंद्रीकरण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं तथा नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया था।