
जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक फोटोग्राफर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने असली और डमी अभ्यर्थियों की तस्वीरों को मिलाकर एडमिट कार्ड तैयार किए थे, जिनके आधार पर परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठे।
एटीएस-एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान महेंद्र कुमार घांची (42) निवासी ओडो की गली, भीनमाल (जालोर) के रूप में हुई है। वह भीनमाल में अजंता फोटो स्टूडियो चलाता है और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी का काम करता है। साथ ही, वह फोटो एडिटिंग में भी माहिर है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 16 अप्रेल तक एसओजी रिमांड पर भेजा गया है।
एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले से गिरफ्तार मूल अभ्यर्थी रामनिवास बिश्नोई की सूचना पर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि महेंद्र ने रामनिवास बिश्नोई की जगह परीक्षा में बैठने वाले डमी अभ्यर्थी - एसडीएम हनुमानाराम की फोटो को एडिट कर नया चेहरा तैयार किया। इसी प्रकार एक अन्य मूल अभ्यर्थी नरपतराम और हनुमानाराम की फोटो एडिटिंग की गई, जिसे प्रवेश पत्र पर चस्पा कर हनुमानाराम ने दोनों अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी।
एसओजी सूत्रों के अनुसार, हनुमानाराम पर ग्राम सेवक, पटवारी और शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में बैठने का शक है। इस संबंध में संबंधित विभागों से दस्तावेज मांगे गए हैं, जिनकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। एसओजी ने हनुमानाराम, रामनिवास और नरपतराम - तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की है।
Updated on:
15 Apr 2025, 8:39 AM IST
Published on:
15 Apr 2025, 8:39 AM IST
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