
Petrol diesel price Today: आज सस्ता हुआ दाम? चेक करें रेट
शादाब अहमद, जयपुर/नई दिल्ली।
कांग्रेस शासित राजस्थान के जयपुर से महंगा पेट्रोल-डीजल भाजपा शासित मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में है। देश में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल वाइएसआर कांग्रेस शासित आंध्रप्रदेश की राजधानी अमरावती में है। वहीं दिल्ली में तीन साल में पेट्रोल-डीजल की दरों में 27 रुपए प्रति लीटर से अधिक का इजाफा हुआ है। ये हैरान कर देने वाले तथ्य गुरुवार को संसद सत्र के दौरान सामने आये।
दरअसल, राजस्थान के चूरू से सांसद राहुल कस्वां ने पेट्रोलियम उत्पादों की एक समान दरें लागू करने को लेकर सवाल किया था। इस पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की दरें बाजार आधारित हैं। सरकार ने प्रदेशों की राजधानियों में पेट्रोल-डीजल की 18 जुलाई की दरें लोकसभा में रखी।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पेट्रोल-डीज़ल पर सबसे ज़्यादा दर आंध्रप्रदेश के अमरावती में हैं। दूसरे नंबर पर केरल के तिरुवनंतपुरम, तीसरे पर तेलंगाना के हैदराबाद, चौथे नंबर पर मध्यप्रदेश का भोपाल और पांचवें पर राजस्थान का जयपुर है।
प्रदेश राजधानी पेट्रोल डीजल (दरें रुपए प्रति लीटर)
आंध्र प्रदेश अमरावती 111.87 99.61
केरल तिरुवनंतपुरम 109.73 98.53
तेलंगाना हैदराबाद 109.66 97.82
मध्यप्रदेश भोपाल 108.65 93.92
राजस्थान जयपुर 108.48 93.72
ऐसे तय होती है दर
आधार मूल्य के साथ केंद्र की ओर से लगाए जाने वाला उत्पाद शुल्क, राज्य सरकारों का वेट व डीलर कमीशन जोड़ा जाता है।
3 साल में दो बार घटाया शुल्क
केंद्र सरकार ने तीन साल में दो बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क को घटाया है। उत्पाद शुल्क नवंबर 2021 में पेट्रोल व डीजल से 13 रुपए प्रति लीटर व मई 2022 में 16 रुपए प्रति लीटर घटाया था।
... इधर गहलोत सरकार का वैट कम करने से इंकार
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल में पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार हुई। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि वर्तमान में वैट कम करने का कोई विचार नहीं है। इस पर विपक्ष ने महंगे पेट्रोल-डीजल का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाए तो सत्ता पक्ष भी मुखर हो गया और केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा विधायक सतीश पूनिया ने सरकार से वैट की दर कम होने से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, चूरू में डीजल-पेट्रोल की बिक्री कम होने को लेकर सवाल किया था। उन्होंने अन्य राज्यों के वैट के आंकड़े भी सरकार से मांगे। इस पर मंत्री धारीवाल ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री कम हुई हो ऐसा नहीं है। अन्य राज्यों के आंकड़े तुलना के लिए नहीं रखे जाते हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय होने के कई कारण है। इनमें से वैट तो बस एक ही कारण है। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी सरकार से सवाल किए तो सत्ता पक्ष के कुछ विधायक और मंत्री भी आवेश में आकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाने लगे। अध्यक्ष ने दखल दे मामला शांत करवाया।
Published on:
21 Jul 2023 01:16 pm

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