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राजस्थान सरकार ने पूर्व DGP भूपेंद्र सिंह यादव को सौंपी RPSC की कमान

राजस्थान पुलिस के डीजीपी भूपेन्द्र यादव बुधवार को रिटायर हो गए।

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जयपुर। राजस्थान पुलिस के डीजीपी भूपेन्द्र यादव बुधवार को रिटायर हो गए। पुलिस मुख्यालय में हुए सादा समारोह में उनके साथी अफसरों और अन्य पुलिस कार्मिकों ने उनको विदाई दी। इससे पहले करीब दस बजे यादव अपनी पत्नी के साथ मुख्यालय पहुंचे और अफसरों से मुलाकात की। डीजी लॉ एंड आॅर्डर एमएल लाठर ने अन्य पुलिस अफसरों की ओर से उनको स्वागत किया और उनको स्मृति चिन्ह भी सौंपा।

इस दौरान अफसरों से बातचीत में वे भावुक भी हो गए। उन्होंने अपने साथी अफसरों और राजस्थान पुलिस के प्रत्येक पुलिस कार्मिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस सैशन के बाद डीजीपी यादव को नियमानुसार जीप रस्सी रस्म के साथ विदा किया गया। यादव के रिटायर होने के बाद अब डीजी कानून व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे एमएल लाठर को पुलिस महानिदेशक राजस्थान का अतिरिक्त कार्यभर दिया गया है। वे राजस्थान पुलिस के 34वें डीजीपी होंगे। जरूरी प्रक्रिया के बाद उनको पुलिस मुख्यालय में उनका चैंबर बदल दिया जाएगा। डीजीपी यादव का कार्यकाल पंद्रह महीने से ज्यादा का रहा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही यादव ने वीआरएस की एप्लीकेशन राज्य सरकार को भेजी थी। उस पर मंगलवार रात राज्य सरकार ने मुंहर लगा दी।

यही सबसे बड़ा सवाल है डीजीपी भूपेन्द्र सिंह यादव को लेकर कि सेवा विस्तार पाने वाले अफसर उसी सरकार के समय में वीआरएस क्यों लेना चाह रहे हैं। जिस सरकार ने उनको दो साल का सेवा विस्तार दिया है। आईपीएस कपिल गर्ग की सेवानिवृत्ति के बाद राज्य सरकार ने आईपीएस भूपेंद्र सिंह यादव को 1 जुलाई 2019 को महानिदेशक पुलिस नियुक्त किया था। ये कार्यकाल 31 दिसंबर 2019 को पूरा होना था।

इससे पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डीजीपी डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव की प्रभावी कार्यशैली देखते हुए भरोसा जताया। उन्हें दो साल का सेवा विस्तार दिया। दरअसल वीआरएस के पीछे पहले तो निजी कारण बताए जा रहे हैं इनमें परिवार के बुजुर्ग की बीमारी भी शामिल है। वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दबाव और उठापटक में पुलिस को टूल की तरह यूज करने को लेकर भी डीजीपी खफा चल रहे हैं। इसे लेकर भी उच्च स्तर पर कई बार बातचीत हो चुकी है।

सालों की पुलिसिंग में बेदाग रहे यादव
1986 बैच के आईपीएस अधिकारी भूपेंद्र सिंह का विवादों से नाता कम ही रहा है। 1959 को हरियाणा में जन्मे भूपेंद्र सिंह सवाई माधोपुर, कोटा और बारां जिले के एसपी रहे हैं। भूपेंद्र सिंह की छवि ईमानदार और बेदाग मानी जाती है। भूपेंद्र सिंह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर में लंबे समय तक कार्यरत रहे हैं। चर्चा में तो यहां तक भी है कि कोरोना को लेकर सरकारी स्तर की बैठकों में डीजीपी और कुछ सीनियर आईएएस अफसर भी आमन-सामने हुए। वहीं सरकार गिराने के पूरे एपिसोड में भी डीजीपी की कार्यशैली कुछ राजनेताओं की आंखों में खटकती रही।

आरपीएससी के नए चेयरमैन होंगे अब यादव
उधर बुधवार सवेरे राज्यपाल की ओर आदेश जारी किए गए। पहले आदेश में रिटायर डीजीपी भूपेन्द्र सिंह यादव को आरपीएससी का चेयरमैन बनाया गया। पद ज्वाइन करने के छह साल तक के लिए उनको नया चेयरमैन बनाया गया है। इसका जिम्मा जल्द ही वे संभालने वाले हैं। दूसरा आदेश डीजीपी पद के लिए रहा। डीजीपी पद का अगला कार्यभार एमएल लाठर को सौंपा गया। उनको अगले आदेशों तक राजस्थान पुलिस का महानिदेश बनाया गया है।

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