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राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर आलाकमान का आदेश, वेट एंड वॉच

राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर पूरे देश की निगाहें हैं। हर पल कोई ना कोई अपडेट सामने आ रहा है। कभी पायलट दिल्ली पहुंच रहे हैं तो कभी गहलोत के दिल्ली जाने की खबरें सामने आ रही है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर भाजपा वेट एंड वॉच की स्थिति में नजर आ रही है।

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Umesh Sharma

Sep 28, 2022

राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर पूरे देश की निगाहें हैं। हर पल कोई ना कोई अपडेट सामने आ रहा है। कभी पायलट दिल्ली पहुंच रहे हैं तो कभी गहलोत के दिल्ली जाने की खबरें सामने आ रही है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर भाजपा वेट एंड वॉच की स्थिति में नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी निगाहें राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर गढ़ा रखी है। इस सियासी उथल-पुथल का ही असर है कि फिलहाल पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव को टाल दिया है। सतीश पूनियां के दिल्ली दौरे को भी इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। पूनियां ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल सहित कई नेताओं से मुलाकात की। साथ ही अन्य कई नेताओं से मिलकर पूरे घटनाक्रम की वहां जानकारी दी है।

दरअसल भाजपा ने इस समय पूरा फोकस संगठन पर रखा है। यही वजह है कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि 2023 के चुनाव से पहले ही इनकी छुट्टी करके सक्रिय लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए। मगर यह मशक्कत फिलहाल रोक दी गई है। केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर नजर रखें। ताकि कोई संभावना बने तो भाजपा आगे कदम बढ़ा सके। हालांकि पिछली बार की चोट से पार्टी इस बार कोई भी कदम उठाने से पहले फूंक-फूंककर कदम रखेगी। यही वजह है कि भाजपा वेट एंड वॉच की स्थिति में है। हालांकि किसी भी तरह की संभावना बनी तो पार्टी इसे हाथ से नहीं जाने देगी।


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दो राज्यों में कांग्रेस की सरकार

इस समय राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। इन दोनों ही जगह अगले साल चुनाव हैं। इसी वजह से दोनों ही राज्य भाजपा के लिए खासे महत्वपूर्ण हैं। गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का बार-बार राजस्थान आना इस बात की ओर से संकेत कर रहे हैं कि राजस्थान जीतना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। अब पीएम मोदी भी 30 सितंबर को राजस्थान के रास्ते ही अम्बाजी मंदिर जाएंगे। इसकी तैयारियों को लेकर खुद प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां बुधवार को आबू रोड पहुंचेंगे।