
बिजली ने बढ़ाई टेंशन, जेईएन का कार्य बहिष्कार और तकनीकी कर्मचारियों का महापड़ाव जारी
जयपुर। मानसून में हांफ रहे बिजली तंत्र के बीच बिजली सप्लाई प्रभावित होती जा रही है। बिजली की बढ़ती डिमांड और उत्पादन में अंतर गहराता जा रहा है, इससे बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वहीं बिजली निगमों के 4 हजार से अधिक कनिष्ठ अभियंताओं (जेईएन) का कार्य बहिष्कार आज भी जारी है।
एक दिन पहले हीरापुरा पावर हाउस का 400 केवी सब स्टेशन ठप होने व सांगानेर 220 केवी सब स्टेशन का 50 एमवीए का एक ट्रांसफार्मर बंद होने से देर रात तक लोग परेशान होते रहे। सांगानेर क्षेत्र के अलावा प्रतापनगर, वाटिका क्षेत्र में रात तक बिजली बहाल नहीं हो पाईं, इससे गर्मी से लोग परेशान होते रहे। वहीं शहर में बिजली की आंख—मिचौली चलती रही।
विभिन्न मांगों को लेकर बिजली निगमों के 4 हजार से अधिक जेईएन ने कार्य बहिष्कार कर रखा है। जेईएन का जयपुर में जुटना शुरू हो गया है। वहीं एक दिन पहले जिला मुख्यालयों पर भी जेईएन ने कैंडल मार्च निकाला, जबकि बिजली उत्पादन प्लांटों के बाहर प्रदर्शन भी किया गया।
उत्पादन से ज्यादा डिमांड, कर रहे कटौती
प्रदेश में बिजली संकट बना हुआ है। बिजली उत्पादन यूनिट ठप होने और बढ़ती गर्मी ने बिजली की डिमांड बढ़ा दी है। बिजली उत्पादन और डिमांड में करीब 1500 मेगावाट से ज्यादा का अंतर गहरा गया। संभागीय मुख्यालय के दस शहर के अलावा के बाकी शहरों, नगर पालिका क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र बिजली कटौती की जा रही है। गांवों में 2 से 4 घंटे की बिजली कटौती जारी है।
तकनीकी कर्मचारियों का महापड़ाव जारी
राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेशव्यापी आव्हान पर 13 सूत्री मांग पत्र को लेकर जगतपुरा में महापड़ाव जारी है। इसमें प्रदेश भर के कर्मचारी जुटे हुए है। प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश शर्मा ने बताया कि डिस्कॉम कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों व कार्मिको के लिए ओपीएस लागू करने में जो अड़चने डाली जा रही है, उससे कर्मचारियों व अधिकारियों में आक्रोश हैं।
Published on:
22 Aug 2023 11:27 am
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