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त्योहारी सीजन में बत्ती नहीं हो जाए गुल, बारिश थमते ही सरकार को सताई चिंता, अफसरों ने तैयार किए तीन प्लान

Rajasthan Power demand बारिश थमते ही प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। बिजली मांग और आपूर्ति में अंतर बढ़ता जा रहा है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार की चिंता बढ़ गई है।

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त्योहारी सीजन में बत्ती नहीं हो जाए गुल, बारिश थमते ही सरकार को सताई चिंता, अफसरों ने तैयार किए तीन प्लान

त्योहारी सीजन में बत्ती नहीं हो जाए गुल, बारिश थमते ही सरकार को सताई चिंता, अफसरों ने तैयार किए तीन प्लान

Rajasthan Power demand जयपुर। बारिश थमते ही प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। बिजली मांग और आपूर्ति में अंतर बढ़ता जा रहा है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार की चिंता बढ़ गई है। ऊर्जा विभाग के अफसर करीब 2180 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीद की व्यवस्था में जुट गए है।

बिजली की बढ़ती मांग के बीच पीईकेबी छत्तीसगढ़ खान से कोयले की आपूर्ति बंद हो गई है, इससे राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को मिलने वाले प्रतिदिन 9 रैक्स कोयले की कमी आ गई है। इससे निगम को प्राप्त होने वाले कुल कोयले में 40 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। इससे विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ गई है।

अफसरों ने बनाए बिजली खरीद के तीन प्लान
पहला-
कोस्टल गुजरात पाॅवर लिमिटेड से अनुबंधित 380 मेगावाट बिजली आपूर्ति फिर से शुरू करने के लिए भारत सरकार द्वारा तय दर पर बिजली लेने का निर्णय किया गया।

दूसरा-
उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों से प्राप्त पाॅवर बैंकिग के प्रस्ताव के अनुसार नवम्बर, 2022 से मार्च, 2023 तक प्रति दिन 1000 मेगावाट से 1500 मेगावाट तक बिजली ‘बिजली बैंकिग व्यवस्था’ के आधार पर लेने की तैयारी, इसे लिए उत्तर प्रदेश पाॅवर काॅरपोरेशन के साथ बातचीत की गई है। अफसरों का तर्क है कि यह बिजली गत वर्ष उत्तर प्रदेश और पंजाब से बैंकिग व्यवस्था में प्राप्त बिजली से भी अधिक है। इससे रबी
सीजन के समय राजस्थान डिस्काॅम्स को काफी राहत मिलेगी।

तीसरा -
पारम्परिक निविदा की पद्धति के आधार पर बिजली खरीद करने के बजाय, एक्सचेंज में तय नई व्यवस्था ‘‘टर्म अहेड’’ का उपयोग करके, उसी माध्यम से 300 मेगावाट तक बिजली लेने की योजना भी है, अफसर इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटे है।

यह भी पढे: बारिश थमते ही राजस्थान में फिर Power Crisis, 2690 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद

विद्युत आपूर्ती के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और अध्यक्ष डिस्काॅम्स भास्कर ए. सावंत ने बताया कि मानसून का दौर धीमा पड़ने और तापमान में बढोतरी को देखते हुए आगामी अक्टूबर माह में प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है। बिजली की बढ़ी हुई मांग और भी चुनौतीपूर्ण इसलिए हो रही है कि पीईकेबी छत्तीसगढ़ खान खान से प्राप्त होने वाले कायले की आपूर्ति वहां के स्थानीय आंदोलन के कारण बंद हो गई है। ऊर्जा विभाग की बैठक आयोजित कर राज्य में सुचारु विद्युत आपूर्ती के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण निर्बाध बिजली आपूर्ती की जाएगी।