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हड़ताल के बीच छोटे उद्योगों पर मार, 95 फीसदी बिजली कटौती

Industries Power Cuts Start: प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। किसानों को बिजली देने के लिए अब उद्योगों की बिजली कटौती शुरू कर दी गई है।

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जयपुर। प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। किसानों को बिजली देने के लिए अब उद्योगों की बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। इसमें छोटे और मध्यम दर्जें के उद्योगों पर 95 फीसदी बिजली कटौती लागू की गई है। वहीं बड़े उद्योगों पर 50 फीसदी कटौती लागू होगी। इस संबंध में जयपुर डिस्कॉम ने आगामी सप्ताह तक का कटौती शिडयुल जारी कर दिया।

बिजली संकट के बीच उद्योगों में कटौती को लेकर इंडस्ट्रीज को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। लगातार चलने वाली उद्योग में पीक डिमांड की 50 फीसदी बिजली कटौती होगी। कैप्टीव पावर प्लांट वाले उद्ययोग में भी पीक डिमांड की 50 फीसदी बिजली कटौती की जाएगी। वहीं अन्य उद्योगों में पीक डिमांड की 95 फीसदी कटौती की जाएगी, इन्हें सिर्फ 5 फीसदी ही बिजली मिल पाएगी। हालांकि फूड इंडस्ट्रीज, आॅक्सीजन प्लांट व मिलिट्री सर्विस जैसी आवश्यक सेवाओं को बिजली कटौती से मुक्त रखा गया है।

एईएन व तकनीकी कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी
फॉल्ट—ट्रिपिंग सुधारने वाले कनिष्ठ अभियंताओं (जेईएन) व तकनीकी कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश व्यापी आव्हान पर 13 सूत्री मांग पत्र को लेकर जयपुर के जगतपुरा स्थित सीबीआई फाटक के पास शुरू हुआ महापड़ाव पांचवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। एक दिन पहले गुरुवार को प्रदेश भर के करीब 25 हजार से अधिक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर निगम प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया।

एईएन व एक्सईएन का भी समर्थन
कनिष्ठ अभियंताओं के कार्य बहिष्कार में अब कुछ सहायक अभियंताओं (एईएन) और कुछ अधिशाषी अभियंताओं (एक्सईएन) का भी समर्थन मिलने लगा है। जोधपुर व जयपुर डिस्कॉम के कुछ एईएन और एक्सईएन ने जेईएन के कार्य बहिष्कार का समर्थन किया है और अवकाश पर जाने की तैयारी कर ली है।

वार्ता में नहीं बनी बात
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव भास्कर ए. सांवत ने एक दिन पहले जी जेईएन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाया और काम पर लौटने की बात कही। इस दौरान सांवत ने कहा कि बजट घोषणा को लागू करना सरकार का काम है, इस पर सरकार से बातचीत की जाएगी। हालांकि जेईएन ने साफ कर दिया कि आश्वासन नहीं आदेश चाहिए।

इधर मॉनिटरिंग के लिए बनाया कंट्रोल रूप
मॉनिटरिंग के लिए जयपुर डिस्कॉम के एमडी आरएन कुमावत ने वार रूम व कंट्रोल रूम बनाया है। 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए इंजीनियर्स की तीन टीम बनाइ है। मॉनिटरिंग एसई एसएमयू करेंगे। जोनल व सर्किल लेवल पर भी मॉनिटरिंग रूम बनाए गए है।