
Power Crisis राजस्थान के लिए कोयले की 20 रैक डिस्पेच
Power Crisis राजस्थान के लिए कोयले की 20 रैक रवाना
- एसीएस एनर्जी डॉ. अग्रवाल ने दिल्ली में कोल सचिव व पर्यावरण सचिव से मुलाकात
जयपुर। कोयले की कमी से बिजली संकट (Rajasthan Power Crisis) के बीच राहत की खबर है। राजस्थान के लिए देर रात तक कोयले की 20 रैक डिस्पैच (20 racks coal dispatch) हो गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोल इंडिया की इकाइयों और विद्युत उत्पादन निगम व अडानी के संयुक्त उपक्रम से कोयले की पांच रैक अधिक डिस्पैच होने से बड़ी राहत मिली है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अग्रवाल ने बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल कुमार जैन और केन्द्रीय पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता से अलग अलग मुलाकात कर कोयले की आपूर्ति बढ़वाने व संयुक्त उपक्रम में फेज दो की पर्यावरण स्वीकृति जारी कराने के लिए चर्चा की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के दोनों ही सचिवों से वार्ता सकारात्मक रही और दोनों ही सचिवों ने सहयोग का विश्वास दिलाया।
एसीएस एनर्जी डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जहां पहले दस ग्यारह तक रैक डिस्पैच की स्थिति आ गई थी, उसमें सुधार होते हुए देररात को 20 रैक डिस्पेच हुई है। कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई एनसीएल से 4 रैक डिस्पेच हुई है। इसी तरह से विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम से कोयले की 12 रैक डिस्पेच करवाई गई है। इस तरह से प्रदेश के लिए 20 रैक डिस्पैच हुई है जबकि इससे पहले वाले दिन 16 और उससे पहले एक बार तो 10 से 11 व इससे कम रैक की स्थिति आ गई थी। उन्होंने बताया कि कोयले की रैक डिस्पेच मात्रा में सुधार के साथ ही विद्युत उत्पादन और आपूर्ति में तेजी से सुधार आएगा।
उधर एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने दिल्ली में केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल जैन से कोयला की आपूर्ति बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की । केन्द्रीय कोयला सचिव जैन ने डॉ. अग्रवाल को राजस्थान के लिए कोयला की आपूर्ति में लगातार सुधार के लिए आश्वस्त किया। जैन ने कहा कि बरसात व अन्य कारण से आपूर्ति प्रभावित हुई है जिससे जल्दी ही सामान्य कर दिया जाएगा।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने इसके साथ ही दिल्ली में केन्द्रीय सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय आरपी गुप्ता से मुलाकात की, उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम और अड़ानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन की द्वितीय चरण वन भूमि 1136 हैक्टेयर के हस्तांतरण होना है। उन्होंने बताया कि परसा कोल ब्लॉक की दूसरे चरण की वन स्वीकृति प्राप्त होना पेंडिंग है। केन्द्रीय पर्यावरण सचिव ने दोनों स्वीकृतियों पर शीघ्र कार्यवाही का विश्वास दिलाया है।
इस बीच एसीएस डॉ. अग्रवाल दिल्ली से ही जयपुर में संयुक्त सचिव आलोक रंजन, सीएमडी विद्युत वितरण निगम आरके शर्मा और तकनीकी निदेषक उर्जा विकास निगम पीएस सक्सेना, मुख्य अभियंता मुकेश बंसल व अन्य अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति, उपलब्धता व मांग की समीक्षा करते हुए फीड बैक लिया।
Published on:
13 Oct 2021 08:39 pm
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