
बिजली संकट के बीच आई बड़ी खबर, राजस्थान में 800 मेगावाट बिजली का हो सकेगा उत्पादन
Rajasthan Power Crisis जयपुर। राजस्थान में कोयला और बिजली संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी व ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को दिनभर दिल्ली में रहे। वहां केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान प्रदेश को प्रतिदिन तीन रैक यानी 12 हजार टन अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
कोल मंत्रालय रोजाना 3 रैक कोयला प्रतिदिन उपलब्ध कराएगा, जिससे 750-800 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सकेगा। अब प्रदेश के बिजली घरों को एनसीएल से 6 कोयले की रैक प्रतिदिन और एसईसीएल से 4 कोयले की रैक प्रतिदिन मिलेगी। एमसीएल से भी वर्तमान में प्राप्त हो रही कोल रैक की आपूर्ति में बढाई जाएगी।
केन्द्रीय कोयला मंत्री जोशी ने तत्काल कोयला आपूर्ति शुरू करने के लिए आश्वस्त भी किया। कोयला की अतिरिक्त रैक नॉर्दन कोलफील्ड्स लि., साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि., महानदी कोलफील्ड्स लि. से मिलेगी। जोशी ने महानदी कोल्डफील्ड्स से बिजलीघरों तक रेल और समुद्र दोनों मार्ग से कोयला परिवहन की तत्काल व्यवस्था शुरू करने के लिए कहा। अभी रेल रूट पर लगातार ट्रेफिक दबाव है और अतिरिक्त रैक की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। हालांकि, कोल मंत्री ने रेलवे अधिकारियों को रूट डायवर्जन के लिए कहा है। उधर, केन्द्रीय कोल सचिव ने कोयले की कमी को देखते हुए सीजीपीएल से 380 मेगावाट के अतिरिक्त भी बिजली खरीदने का सुझाव दिया।
इस बीच ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने केन्द्रीय मंत्री जोशी से छत्तीसगढ़ में आवंटित खदान से कोयला खनन शुरू करवाने में हस्तक्षेप करने के लिए भी कहा। वहीं जोशी ने कहा कि केन्द्र सरकार स्तर पर अनुमति दी जा चुकी है। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से चर्चा की गई और दोबारा भी करेंगे।
बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए. सावंत, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आर.के.शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
Published on:
20 Sept 2022 10:01 pm
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