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मौत ने जगाई पुलिस की नींद: सूदखोरों से परेशान होकर कब तक मरते रहेंगे लोग? खुद को आग लगाने वाले प्रॉपर्टी डीलर की मौत

ब्याज माफिया से परेशान प्रॉपर्टी डीलर राजेश शर्मा (55) ने खुद को आग लगाई थी। एसएमएस अस्पताल में मंगलवार को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की, फिर 30 घंटे में जांच पूरी कर आरोपी फाइनेंसर कैलाश माहेश्वरी को गिरफ्तार किया।

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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 02, 2025

Jaipur news

प्रॉपर्टी डीलर की मौत (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर: ब्याज माफिया (प्रॉपर्टी व्यवसाय में साझेदार) से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाले प्रॉपर्टी डीलर राजेश शर्मा (55) की मंगलवार दोपहर को एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने पहले तो दो दिन तक प्रॉपर्टी डीलर की रिपोर्ट दर्ज नहीं की और आत्मदाह की घटना के 30 घंटे में जांच पूरी कर मंगलवार शाम को दुर्गापुरा निवासी आरोपी फाइनेंसर कैलाश माहेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया।


बता दें कि अस्पताल में राजेश शर्मा के भर्ती रहने के दौरान उनकी पत्नी और बेटियां केवल इतना ही कह पाईं कि हम में कुछ भी बताने की हिम्मत ही नहीं रही। दोपहर में राजेश की मृत्यु की जानकारी वार्ड के बाहर परिजन को मिली तो कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं बेसुध हो गईं। रिश्तेदार उन्हें ढांढ़स बंधाते रहे।


पुलिस ने मकान मालिक के भी लिए बयान


ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सेठी कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा की मृत्यु के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजन को सुपुर्द किया। परिजन अंत्येष्टि के लिए शव को जामडोली स्थित उनके भाई के घर ले गए। इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने सेठी कॉलोनी स्थित राजेश के मकान मालिक व उनके परिजन के बयान लिए।

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भूतल पर रहने वाले मकान मालिक ने पुष्टि की कि शनिवार को कैलाश माहेश्वरी उनके यहां आया था और गेट खोलकर तीसरी मंजिल पर रहने वाले राजेश के घर गया था। कुछ देर बाद वह लौट गया। राजेश ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि वह उस समय घर पर नहीं था। पीछे से कैलाश माहेश्वरी घर आया और उसकी पत्नी व बेटियों से अभद्रता कर धमकी दी।


यह है आरोप


गौरतलब है कि राजेश ने कैलाश माहेश्वरी से 1.50 करोड़ रुपए उधार लिए थे। बाद में राजेश ने एक जमीन खरीदी, जिसमें कैलाश को साझेदार बना लिया। आरोप है कि कैलाश माहेश्वरी ने जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी खुद के नाम करवा ली और जमीन बेच दी। पूरी राशि स्वयं रख ली।


इसके बाद वह राजेश से डेढ़ करोड़ रुपए ब्याज के रूप में मांगने लगा। राजेश ने अपनी पूरी जमा पूंजी उस जमीन के विकास में लगा दी थी और आरोपी से हिसाब करने को कहा था, लेकिन आरोपी हिसाब करने की बजाय ब्याज के लिए धमकाकर लगातार परेशान कर रहा था।

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