
Rain Forecast: 296 साल से चली आ रही परंपरा, वायु परीक्षण से लगाएंगे बारिश का पूर्वानुमान
जयपुर। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा पर सोमवार को वायु धारिणी पूर्णिमा हैै। राजधानी में 296 साल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन होगा। सूर्यास्त के समय ज्योतिषाचार्य और विद्वान वायु के रुख से बारिश का पूर्वानुमान लगाएंगे। शहर में दो जगहों पर वायु परीक्षण किया जाएगा। विश्व धरोहर स्मारक ज्योतिष यंत्रालय (जंतर—मंतर) में वायु परीक्षण किया जाएगा, वहीं दूसरा वायु परीक्षण शास्त्री नगर के विज्ञान पार्क में हवा के रुख से मौसम का आंकलन किया जाएगा।
295 सालों से गुलाबी नगरी की परंपरा में शामिल वायु परीक्षण का निर्वहन इस बार 296वीं बार होने जा रहा है। अखिल भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान की ओर से आयोजित वायु परीक्षण में शहर के जाने-माने ज्योतिषी एवं पंचांगकर्ता शामिल होंगे और वर्षा से संबंधित भविष्यवाणी करेंगे। शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क में यह वायु परीक्षण किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि वायु परीक्षण की परम्परा ईस्वी सन् 1727 में प्रारम्भ हुई थी, जो आज भी अनवरत जारी है। यह इसका 296वां संस्करण है।
105 फीट ऊंचे सम्राट यंत्र पर वायु परीक्षण
जंतर—मंतर में सूर्यास्त के समय शाम 7.20 बजे वायु परीक्षण किया जाएगा। यहां विद्वान पहले ध्वज पूजन करेंगे। इसके बाद 105 फीट ऊंचे सम्राट यंत्र पर वायु परीक्षण कर वृष्टि संबंधी पूर्वानुमान का निर्णय किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य विनोद शास्त्री, पंडित शिवदत्त शास्त्री, सतीश शर्मा, पुरुषोत्तम गौड़, आदित्य मोहन, भाष्कर क्षोत्रीय आदि विद्वान शामिल होंगे।
प्राचीन ध्वज पूजन
शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क में शाम 7:20 बजे हवा के वेग के आधार पर श्रावण मास में होने वाली वर्षा की भविष्यवाणी की जाएगी। इससे पहले पंचांगकर्ताओं और ज्योतिषियों की ओर से प्राचीन ध्वज पूजन किया जाएगा। संयोजक डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता डाकोर धाम के ब्रह्मापीठाधीश्वर काठियापरिवाराचार्य रामरतन दास करेंगे। वायु परीक्षण के दौरान ज्योतिष सम्राट् पंचांग के पं. चंद्रशेखर शर्मा, जयमार्तण्ड एवं किशोर जंत्री के अशोक अग्रवाल सहित अन्य ज्योतिषी शामिल होंगे।
Published on:
03 Jul 2023 11:03 am
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