
जयपुर।
राजस्थान में चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। मंगलवार को हड़ताल को नौ दिन होने जा रहे हैं, लेकिन इस पर सरकार की तरफ से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई सकारात्मक प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में राजस्थान रोडवेज की बसे नहीं चलने से रोजाना करीब दस लाख यात्री परेशान हो रहे हैं लेकिन न तो सरकार को इसकी चिंता है और न ही हड़ताली कर्मचारियों को। सरकार और हड़ताल पर गए कर्मचारियों की कश्मकश में आम आदमी फंस गया है और उसे काफी परेशानी उठानी पड रही है। प्रदेश में स्थित रोडवेज बस स्टैंडों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
रोडवेज सयुंक्त मोर्चा की हड़ताल के कारण राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की करीब 4710 बसें संचालित नहीं हो पा रही है। हड़ताल से बसों का संचालन पूरी तरह से ठप है। रोडवेज की हड़ताल से यात्रियों को तो परेशानी उठानी ही पड़ रही है साथ ही सरकार को भी हड़ताल के कारण अब तक करोड़ों रुपयों का नुकसान हो चुका है। बावजूद इसके राज्य सरकार की ओर से अब तक हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई गंभीर प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
रोडवेज सयुंक्त मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार की ओर से वार्ता का बुलावा नहीं आने पर अब आर पार की लड़ाई का एेलान कर मांगों पर फैसला नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद है साथ ही राजधानी में संचालित लो फ्लोर बसें भी पूरी तरह से बंद हैं, इसी हड़ताल का फायदा उठाकर निजी बस आॅपरेटर्स और लोक परिवहन सेवा बस संचालक यात्रियों से ज्यादा पैसा वसूल रहे हैं।
सरकार से ये मांग कर रहे हैं रोडवेजकर्मी
- रोडवेज के खाली पड़े पदों को भरने की स्वीकृति जारी की जाए
- रोडवेज के रिटायर कर्मचारियों के देय सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान मिले
- रोडवेज के लिए नई बसें खरीदी जाए
- साथ ही रोडवेज कर्मचारियों को राज्य सरकार के सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन और पेंशन भत्ते भी दिया जाए
रोडवेज सयुंक्त मोर्चा कर्मचारी इन मांगो को लेकर हड़ताल पर है और बसों का संचालन नहीं कर रहे हैं।
Published on:
25 Sept 2018 06:58 pm
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