
Rajasthan Doctors Strike
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की प्रतिनियुक्ति निरस्त होने के बाद खलबली मची हुई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय आदेश प्रभावी हुआ तो दो हजार से अधिक चिकित्सक व चिकित्साकर्मी इधर से उधर होंगे।
राजस्थान में फिर स्कूलबंदी: सरकारी कवायद से 3800 विद्यालयों पर संकट!
वैसे, अधिकारियों का यह भी कहना है कि अस्सी फीसदी प्रतिनियुक्ति आदेश विधायकों की डिजायर पर हुए हैं। प्रतिनियुक्ति आदेश निरस्त होने पर विधायक जल्द ही अपना विरोध मुख्यमंत्री के समक्ष दर्ज करा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों व मेडिकल कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक लगे हुए हैं।
Read: नायडू ने CM को लिखा- फ्लाईएश का रोड़ व प्रोजेक्ट्स में यूज श्योर है
विभाग की प्रमुख सचिव वीनू गुप्ता ने सोमवार को सभी चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों के प्रतिनियुक्ति आदेश निरस्त कर दिए हैं। इससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति निरस्त करना इतना असान नहीं है, क्योंकि कई जिलों में चिकित्सकों की कमी हैं। और मंत्री विधायकों की मांग पर चिकित्सकों को वहां तैनात कर देते हैं, जिससे वहां चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहे।
Published on:
11 Jan 2017 02:08 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
