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Rajasthan News: राजस्थान को केंद्र से मिला 1 लाख 20 हजार करोड़ का फंड, विकास की रफ्तार को लगेंगे पंख

राजस्थान के विकास की रफ्तार को पंख लग गए हैं। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की भजनलाल सरकार के बेहतरीन तालमेल ने मरुधरा की धरती पर पैसों की बारिश कर दी है। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय प्रवाह है, जो पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की तुलना में बहुत अधिक है।

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modi bhajanlal double engine

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राजस्थान में 'डबल इंजन' की सरकार का असर अब धरातल पर साफ नजर आने लगा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले और प्रदेशवासियों को खुश करने वाले हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली में सक्रियता और केंद्र के साथ मजबूत कोऑर्डिनेशन के चलते राजस्थान को 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड मिला है। अधिकारियों का मानना है कि इस रिकॉर्ड फंड से प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आएगी।

अब तक का सबसे बड़ा फंड

राजस्थान को मिले इस 1.2 लाख करोड़ रुपये के फंड में केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं (CSS) के तहत मिलने वाले अनुदान, पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASKI), केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और वित्त आयोग की सिफारिशों पर मिलने वाली राशि शामिल है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने का सीधा फायदा राजस्थान की जनता को मिल रहा है।

मार्च में आया 19,000 करोड़ का 'सैलाब'

वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने यानी मार्च 2026 में ही केंद्र सरकार ने राजस्थान को लगभग 19,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस भारी भरकम राशि के आने से प्रदेश में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स को जबरदस्त बूस्ट मिला है। अब फंड की कमी के चलते कोई भी बड़ा विकास कार्य नहीं रुकेगा।

बिना ब्याज के कर्ज में भारी उछाल

पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए मिलने वाले ब्याज मुक्त ऋण (SASKI) के तहत राजस्थान को इस वित्तीय वर्ष में 10,548 करोड़ रुपये मिले हैं। इसकी तुलना अगर पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से करें, तो साल 2020-21 से 2022-23 के बीच राजस्थान को मात्र 7,290 करोड़ रुपये ही मिले थे। यह दिखाता है कि वर्तमान सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना ज्यादा ध्यान दे रही है।

SNA-SPARSH सिस्टम ने बदली फंड ट्रांसफर की तस्वीर

रियल-टाइम और बिना किसी देरी के पैसा सीधे प्रोजेक्ट्स तक पहुँचे, इसके लिए 'SNA-SPARSH' (टेक-इनेबल्ड सिस्टम) प्लेटफॉर्म का सहारा लिया गया। इसके तहत राज्य को 13,658 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अलावा वित्त आयोग की सिफारिशों और अन्य योजनाओं के तहत 15,666 करोड़ रुपये की राशि मरुधरा को मिली है।

स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को लगे पंख

इस रिकॉर्ड तोड़ बजट का सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान की बुनियादी जरूरतों पर खर्च हो रहा है:

  • स्वास्थ्य क्षेत्र: 15वें वित्त आयोग के तहत राजस्थान को 2025-26 में 2,693 करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। इससे जिला अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प होगा।
  • अन्य कोर सेक्टर: कृषि, पेयजल (जल जीवन मिशन), शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी इस बजट से बड़ी तेजी देखने को मिलेगी।