
जयपुर. 2006 दोहा एशियन गेम्स में रजत पदक, 2010 ग्वांगझु एशियाड में स्वर्ण पदक और 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले नौकायन खिलाड़ी बजरंग लाल ताखर खुद तो इस बार भारतीय दल का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनके तीन शिष्य उनकी परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए इंडोनेशिया जा रहे हैं। ओलंपियन ताखर ने इन तीनों खिलाडिय़ों को तैयार किया है। अर्जुन अवार्डी और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हो चुके ताखर के ये तीनों शिष्य सेना में कार्यरत हैं। इनमें झुंझुनू के ओमप्रकाश, शाहपुरा जयपुर के अर्जुन लाल और जोधपुर के भोपाल सिंह शामिल हैं। ओमप्रकाश, अर्जुन लाल और भोपाल सिंह राजपूताना राइफल में नियुक्त हैं।
राजस्थान के निवासी इन तीनों ही खिलाडिय़ों ने नौकायन का अभ्यास सेना में जाने के बाद ही शुरू किया है। जकार्ता एशियाड में ये तीनों टीम स्पद्र्धा में शिरकत करेंगे। ओमप्रकाश जहां पुरुष स्कल्स में शिरकत करेंगे, वहीं अर्जुन स्कल्स की लाइटवेट स्पद्र्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे। भोपाल सिंह कॉक्सलेस फोर स्पद्र्धा में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बजरंग इन तीनों ही खिलाडिय़ों की कद काठी देख कर काफी प्रभावित हुए थे और उसके बाद ही उन्होंने अर्जुन, ओमप्रकाश और भोपाल को रोइंग के लिए प्रेरित किया। ताखर दो साल से इन तीनों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। मात्र दो साल में ही शानदार प्रदर्शन कर इन तीनों ने भारतीय टीम में जगह बना ली है। ओमप्रकाश इंचियोन एशियाड में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।