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Rajasthan Investment: 75 से अधिक इकाइयों को मिलेगा 4020 करोड़ का अनुदान

Investment Subsidy: रिप्स-2024 के तहत उद्योगों को राहत, निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़े। भजनलाल सरकार की उद्योग नीति असरदार, लगातार मिल रहे बड़े निवेश प्रस्ताव।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

May 15, 2026

Investment Subsidy

Photo AI

Rajasthan Industry News: जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य में उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनने के कारण लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलसीसी) ने 75 से अधिक निवेश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इन इकाइयों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 (रिप्स-2024) के तहत चरणबद्ध तरीके से 4020 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जाएगा।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन उद्योगों ने प्रदेश में उत्पादन और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने के लिए रिप्स-2024 के तहत आवेदन किया था। स्वीकृत इकाइयों को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट तथा ग्रीन इंसेंटिव सहित कई प्रकार के लाभ दिए जाएंगे।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलभ सक्सेना ने बताया कि राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति में 25 करोड़ रुपए से अधिक निवेश वाले प्रस्तावों पर विचार किया जाता है। रिप्स-2024 के तहत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई औद्योगिक नीतियों और ‘राइजिंग राजस्थान समिट’ के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से प्रदेश में लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है।

इससे पहले 4 मई को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में भी करीब 2201 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों की अनुशंसा की गई थी। ये प्रस्ताव मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े हुए हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश में 1600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

राज्य सरकार का मानना है कि निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राजस्थान तेजी से निवेश और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।