राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जनवरी की जिलों की रैंकिंग जारी कर दी है। शिक्षामंत्री बीडी कल्ला का गृह जिला रैंकिंग में फिसड्डी रहा है। बीकानेर रैंकिंग में 15वें नंबर पर रहा है। वहीं सीकर पहले, चूरू दूसरे, बूंदी तीसरे, नागौर चौथे और सवाई माधोपुर पांचवें स्थान पर रहा है। राजधानी जयपुर को रैंकिंग में 8वां स्थान मिला है।
यह जिले रहे फिसड्डी
सबसे फिसड्डी जिलों में टोंक 33वें, दौसा 32वें, उदयपुर 31वें, धौलपुर 30वें और बाड़मेर 29वें स्थान पर रहा है।
इस आधार पर होती है रैंकिंग
संयुक्त जिला रैंकिंग में नामांकन, परीक्षा परिणाम, भवन, कक्षा.कक्ष, बिजली.पानी की सुविधा, शौचालयों की स्थिति, फर्नीचर, कम्यूटर, खेल मैदान, खेल मैदान,चारदीवारी, सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर, ज्ञान उपलब्धता, शंका समाधान, सह शैक्षणिक गतिविधियां आदि शामिल हैं।
यह है रैंकिंग गिरने के कारण
विभागीय अधिकारियों की मानें तो अफसरों की लापरवाही की वजह से शिक्षा की क्वालिटी कम हो रही है। विभागीय अधिकारी स्कूलों का समय से निरीक्षण नहीं करते जिसके चलते स्कूल प्रशासन भी लापरवाह हो जाता है। कई जिलों में तो स्कूल रेैंकिंग निर्धारण करने के लिए मांगी गई जानकारी को ही अपलोड नहीं करते तो कई पैरामीटर्स पूरे नहीं कर पाते ऐसे में जिलों की रैंकिंग गिर जाती है।