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Rajasthan School Of Art के इतिहास में ऐसा पहली बार

शिक्षा संकुल राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट में 15 दिन से कक्षा बहिष्कार पर कई विद्यार्थी, अब व्याख्याता भी उतरे प्राचार्या के विरोध में, सभी व्याख्याताओं ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध।

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Rajasthan School Of Art के इतिहास में ऐसा पहली बार

Rajasthan School Of Art के इतिहास में ऐसा पहली बार

राजस्थान में शिक्षा के विस्तार के लिए शिक्षा संकुल में बैठकर मंत्री और उच्च अधिकारी नियम बनाते है। निर्णय लेते है। उन्हीं की आंखों के सामने परिसर मेंस्थित राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट ( Rajasthan School of Art ) के कई विद्यार्थी 12 दिनों से विभिन्न मांगों पर कक्षा बहिष्कार कर रहे है। वहीं, अब इनके साथ-साथ यहां के व्याख्याता ( professor ) भी कक्षा समय के बाद काली पट्टी बांधकर प्राचार्या के विरोध में बैठ गए है। दूसरी तरफ प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों ने तो कला शिक्षा के इतिहास का सबसे बुरा दौर भी बता दिया है। इन वरिष्ठ कलाकारों का कहना है कि कॉलेज शिक्षा ( College Education Rajasthan ) और शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए, नहीं तो कला शिक्षा पर से नई पीढ़ी का विश्वास उठ जाएगा।
प्राचार्या पर लगाए आरोप
काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे व्याख्याताओं का कहना है कि प्राचार्या डॉ. आशा बागोटिया ने हमारे खिलाफ गलत बयानबाजी कर छवि खराब की है। इसी के विरोध में तीसरे दिन भी विरोध जारी रहा। इस संदर्भ में हमनें कॉलेज शिक्षा के सभी उच्च अधिकारियों को ज्ञापन दिया है। अब जब तक प्राचार्या पर कार्रवाही नहीं की जाती, धरना जारी रहेगा। इस धरने में हरशिव शर्मा, सुनीत घिल्डियाल, नरेंद्र यादव, गोपाल प्रसाद, चंद्रकांता पीलवाल शामिल है।
एक ओडियो कला जगत में वायरल
व्याख्याताओं का आरोप है कि एक ओडियो वायरल हो रहा है। जिसमें प्राचार्या हमारे बारे में विद्यार्थियों को कह रही है कि ये अयोग्य है। व्यावसायिक डिग्री एवं डिप्लोमा के आधार पर महाविद्यालय में पढ़ाने योग्य नहीं है। प्राचार्या ने तो सरकार पर ही आरोप लगा दिया है इनको रखकर सरकार ने बड़ी गलती की है। साथ ही वे कह रही है कि ये ही लोग नई भर्ती नहीं होने दे रहे है। व्याख्याताओं का कहना है कि हमें यूजीसी एवं राजस्थान विश्वविद्यालय ( rajasthan university ) की समस्त अर्हकारी योग्यताओं को पूर्ण करते हुए उच्च शिक्षा विभाग से चयनित है। उच्च न्यायालय की डबल बैंच भी कार्यरत व्याख्याताओं के हक में फैसला दे चुकी है।
प्राचार्या ने गलत बताए आरोप
इस मामले पर प्राचार्या आशा बागोटिया का कहना है कि मैंने कोई आरोप नहीं लगाए। बच्चों को समझाया ही है। उन्हें सही व गलत के बारे में बताया है।