
(पत्रिका फाइल फोटो)
Rajasthan Secretariat : राजस्थान में ट्रांसफर व पोस्टिंग के आदेशों की अनदेखी करने वाले सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन अटकेगा बल्कि इसके लिए संबंधित विभाग को भी जिम्मेदार माना जाएगा। कार्मिक विभाग के नए आदेश के अनुसार ट्रांसफर आदेश जारी होने के 7 दिन के भीतर उसकी पालना करनी होगी।
राजस्थान सरकार ने स्वीकार किया है कि अब तक ट्रांसफर आदेशों की अवहेलना और प्रक्रिया में ढिलाई के कारण कई बार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है। कभी कार्मिक कार्यमुक्त नहीं किए जाते, तो कभी नए पद पर पहुंचे कार्मिक को कार्यभार दिए बिना लौटा दिया जाता है। कई विभाग बिना आदेश के कर्मचारियों को रिलीव कर देते हैं, जिससे एक ही पद पर दो-दो कर्मचारी नियुक्त होने की स्थिति बन जाती है और वेतन भुगतान में अड़चन आती है।
1- ट्रांसफर आदेश के 7 दिन में पालना अनिवार्य।
2- अगर राज्यहित में कार्यमुक्ति संभव नहीं, तो 3 दिन में ट्रांसफर निरस्त का प्रस्ताव देना होगा।
3- कार्यभार ग्रहण के लिए आए कार्मिक को लौटाया नहीं जा सकेगा।
4- विभागीय स्तर पर इंटरचेंज नहीं होगा, इसके लिए कार्मिक विभाग से मंजूरी अनिवार्य होगी।
5- वेतन अटकने की जिम्मेदारी विभाग और कर्मचारी दोनों की होगी।
कार्मिक विभाग के अनुसार जल्द ही ट्रांसफर, पदस्थापन और कार्यभार ग्रहण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर संचालित की जाएगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी। सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से अपडेट होंगे और रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
Updated on:
25 May 2025, 1:25 PM IST
Published on:
25 May 2025, 1:25 PM IST
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