
राजस्थान में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला अभी निपटा नहीं कि अब एक और भर्ती परीक्षा पेपर लीक का मामला सामने आया है। राजस्व अधिकारी (आरओ) एवं अधिशासी अधिकारी (ईओ) 2022 का पेपर लीक कर कालेर गिरोह ने ब्लूटूथ से बड़े स्तर पर नकल करवाई थी। भर्ती परीक्षा का अन्तिम परिणाम जारी होने से पहले ही इसकी भनक आरपीएससी को लगी, जिसकी सूचना पर एसओजीने यह खुलासा किया है।
एसआई पेपर प्रकरण में भी इस गिरोह का हाथ था। एसओजी ने शनिवार सुबह प्रदेश में एक साथ 30 स्थानों पर छापे मारे। पांच महिलाओं सहित 28 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें वे 12 अभ्यर्थी शामिल हैं जिनका विचारित सूची में नाम है।
एडीजी (एसओजी) वी.के. सिंह ने बताया कि आरपीएससी ने 14 मई 2023 को राजस्व अधिकारी ग्रेड सेंकण्ड और अधिशाषी अधिकारी वर्ग- IV (स्वायत्त शासन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा- 2022 दो चरणों में आयोजित की थी।
नागौर- रामसिंह, रामलाल रोज. ओमप्रकाश सुनिल जाखड़ और लीलीपाल इनानिया।
चूरू- रतनगढ़ निवासी बबीता रेवाड़ जयपुर बीकानेर निवासी निरमा मण्डा हनुमानगढ़: बलजिन्दर सिंह और गुरविन्दर सिंह।
बीकानेर- ओमप्रकाश जाखड़ अमीलाल बिश्नोई, राजाराम, प्रेमचन्द ज्याणी, बबीता बिश्नोई, अनिल सारण, कमलकांत तिवारी और सुनिल धायल।
जोधपुर- फगलुराम, भावना गोस्वामी, मेनका और सुरेश चौधरी।
सीकर- सुरेश कुमार, राजेश यादव।
एडीजी वीके सिंह ने बताया कि नागौर के कुबेरा स्थित खजवाना गांव के 6 अभ्यर्थियों का विचारित सूची में नाम मिला सत्यापन के दौरान पाया कि इन अभ्यर्थियों को सामान्य जानकारी भी नहीं थी। ऐसे में आरपीएससी सचिव ने एसओजी को गोपनीय रिपोर्ट भेजी। जिसके बाद एडीजी ने विशेष जांच दल गठित किया। जांच दल ने आरपीएससी की रिपोर्ट का तकनीकी विश्लेषण कर फील्ड वेरिफिकेशन किया।
Updated on:
20 Oct 2024, 9:30 AM IST
Published on:
20 Oct 2024, 9:30 AM IST
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