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राजस्थान में आया एक ऐसा विज्ञापन और चली गई 20 हजार नौकरियां

Rajasthan textile industry : राजस्थान सरकार को सबसे ज्यादा रेवन्यू देने वाला टेक्सटाइल सेक्टर भारी मंदी के दौर से गुजर रहा, अब तक राजस्थान में करीब 20 हजार अस्थाई कर्मियों को निकाला जा चुका

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जयपुर

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Deepshikha

Aug 21, 2019

Rajasthan textile industry

राजस्थान के टेक्सटाइल उद्योग पर बड़ा संकट, आधा दर्जन यूनिट बंदी की कगार पर

जगमोहन शर्मा / जयपुर. कभी राजस्थान सरकार को सबसे ज्यादा रेवन्यू देने वाला टेक्सटाइल सेक्टर ( Rajasthan Textile Industry ) भारी मंदी के दौर से गुजर है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नॉर्दन इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन को एक ऐसा विज्ञापन देना पड़ा, जिसमें इस सेक्टर की बदहाली साफ नजर आती है। इस विज्ञापन का टाइटल है 'इंडियन स्पिनिंग इंडस्ट्री फेसेज बिग क्राइसेस। मतलब देश का बुनकर उद्योग एक बड़े संकट में है ( Weaver Industry in Crisis ) और इसकी वजह से हजारों नौकरियां जा रही हैं। अब तक राजस्थान में करीब 20 हजार अस्थाई कर्मियों को निकाला जा चुका है।

मंदी के प्रमुख कारण

- टेक्सटाइल इंडस्ट्री 2010-11 की तरह ही बड़े संकट से गुजर रही है

- राज्य और केंद्र सरकार के टैक्स और कई तरह की लेवीज ने कच्चा माल महंगा कर दिया है

- इंडस्ट्री को कर्ज ही महंगा मिल रहा है

- मिलों को प्रति किलो 20-25 रुपए का नुकसान हो रहा है

- बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया से सस्ता इंपोर्ट भी इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रहा है


एक्सपोर्ट भी घटा

टेक्सटाइल इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले (अप्रेल-जून तिमाही) करीब 35 प्रतिशत घटा है। इससे इंडस्ट्री की एक तिहाई क्षमता भी कम हुई है। मिलें इस हैसियत में नहीं रह गई हैं कि वो भारतीय कपास को खरीद सकें। साथ ही अब इंडस्ट्री में नौकरियां भी जाना शुरू हो गई हैं। राजस्थान टेक्सटाइल इंडस्ट्री करीब 1.20 लाख लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देती है। साथ ही ये इंडस्ट्री किसानों के उत्पाद जैसे कपास, जूट वगैरह भी खरीदती है।


बिजली दरें अधिक

टेक्सटाइल इंडस्ट्री की इस बदहाली का सबसे बड़ा कारण अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में बिजली की दरें सबसे ज्यादा होना है।

-अशोक जैन, सचिव, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन