26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विदेशी की बजाय देसी पर्यटकों पर रहेगा फोकस

पर्यटन स्थल के इतिहास, खासियत सहित अन्य जानकारियों को किया जाएगा साझा

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

MOHIT SHARMA

Apr 20, 2022

विदेशी की बजाय घरेलू पर्यटकों पर रहेगा फोकस

विदेशी की बजाय घरेलू पर्यटकों पर रहेगा फोकस

जयपुर.कोरोना काल में प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के निर्देश के बाद पर्यटन विभाग के आलाधिकारी सक्रिय होते हुए दिख रहे हैं। इसके लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। एक बार फिर से कई देशों में कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल आगामी महीनों में विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद कम होने के चलते घरेलू पर्यटकों पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। हालांकि वर्तमान समय में राजधानी के पर्यटन स्थलों पर औसतन रोजाना 200 से अधिक विदेशी सैलानी पर्यटन स्थलों की सैर करने पहुंच रहे हैं।

होगा मार्केटिंग कैंपेन
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जैसलमेर, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, बीकानेर, राजसमंद,चित्तौडग़ढ़, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, भरतपुर, सिरोही, अलवर और करौली जिलों में पर्यटन लोगों की आय का बड़ा जरिया है। इनमें से जयपुर, अजमेर, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, अलवर, झुंझुनूं और चित्तौडग़ढ़ में विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। महाराष्ट्र की तर्ज पर कम कीमत पर बेहतर सुविधाएं और पैकेज सुविधा पर्यटकों को मुहैया करवाने के लिए विचार किया है। इसके लिए कई होटल प्रबंधनों से भी पर्यटन विभाग की ओर से आगामी शादियों और छुटिट्यों के सीजन के लिए कवायद की है। इसके अलावा घरेलू पर्यटकों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने के लिए एक मार्केटिंग कैंपेन को हेरिटेज तरीके से पुन: शुरू किया जाएगा। इसमें स्थल के इतिहास, खासियत सहित अन्य जानकारियों को साझा किया जाएगा।

टोल-फ्री नंबर होना चाहिए
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और मुंबई की तर्ज पर प्रदेश में भी पर्यटकों के लिए एक टोल-फ्री नंबर होना चाहिए, जिस पर राज्य के पर्यटन बारे में तत्काल जानकारी मिल सके। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं आध्यात्मिक, वन्य जीवन और एडवेंचर पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए काम शुरू हो चुका है। स्वास्थ्य और स्वच्छता के मुद्दों को लेकर एक समिति भी बनाई गई है जो पर्यटन स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए विभिन्न स्वास्थ्य दिशा निर्देशों का पालन कराने के लिए की जाने वाली व्यवस्था तथा सफाई के बारे में सुझाव देगी।

यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैक
बीते साल जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निजीकरण हो चुका है। इसके बावजूद मूलभुत सुविधाओं से जयपुर पहुंचने और यहां से जाने वाले यात्री कई सुविधाओं में असहज हैं। यही कारण है कि इंटरनेशनल काउंसिल सर्वे में एयरपोर्ट की रैकिंग लगातार लुढक़ती जा रही है। ऐसे में अडानी समूह के आलाधिकारियों ने यात्रियों के एयरपोर्ट पहुंचने के बाद हर एक बिंदू के हिसाब से आनलाइन ईमशीन द्वारा फीडबैक लिया जाएगा। इसमें सफाई, कैंटीन, बैठने की व्यवस्था, टायलेट, कैब सुविधा, इंटरनेट सहित अन्य दस बिंदुओ को शामिल किया है। अगले सप्ताह से यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके बाद कई खामियों को हर सप्ताह सुधारने के लिए एक टीम भी गठित की है। जो पूरी तरह से सुविधाओं को बेहतर करने पर फोकस करेगी।