
राजधानी जयपुर में दो दिवसीय उदयपुर प्रवास के दौरान मार्बल उद्यमियों ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के सामने मार्बल-ग्रेनाइट पर जीएसटी घटाने की मांग उठाई, लेकिन जीएसटी काउंसिल की बैठक में सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा ही नहीं हुई। राजस्थान सरकार ने भी बैठक में इस सहित प्रदेश को जीएसटी से संबंधित राहत दिलाने का मुद्दा नहीं उठाया।
केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण के उदयपुर प्रवास के बाद जीएसटी काउंसिल की यह पहली बैठक थी। पिछले माह उदयपुर में केन्द्रीय वित्त मंत्री से संवाद के दौरान मार्बल व ग्रेनाइट पर जीएसटी घटाने की मांग रखने वाले उद्यमियों को उनका विषय नहीं उठने से झटका लगा है।
इसके अलावा राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के आदिवासी बहुल क्षेत्र में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की मंशा को आगे बढ़ाने के लिए इन्हें जीएसटी में राहत दिलाने की दिशा में भी राजस्थान सरकार ने काउंसिल में कोई मुद्दा नहीं उठाया।
पहले मार्बल व ग्रेनाइट पर लगभग 5 प्रतिशत वैट लगता था और अब जीएसटी 18 प्रतिशत है। उदयपुर में स्थानीय मार्बल व ग्रेनाइट उद्योग को राहत देने के लिए जीएसटी पांच प्रतिशत करने की मांग की गई थी।
यह संयोग है कि जीएसटी काउंसिल की लगातार दूसरी बैठक के दौरान वित्त मंत्री दिया कुमारी दिल्ली में मौजूद रहीं। हालांकि काउंसिल की बैठक में दोनों ही बार राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भाग लिया।
Updated on:
10 Sept 2024 10:12 am
Published on:
10 Sept 2024 10:12 am
