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राजस्थान विधानसभा : ‘किरकिरी’ के बाद बेहतर तैयारी के साथ आए मंत्री, आज पारित होंगी राजस्व और सामाजिक-आधिकारिता विभाग की अनुदान मांगें

Rajasthan Vidhansabha Budget Session Latest News Update : राजस्थान विधानसभा में आज भी उठ रहे जनहित के मुद्दे, 'किरकिरी' के बाद बेहतर तैयारी के साथ आए मंत्री, आज पारित होंगी राजस्व और सामाजिक-आधिकारिता विभाग की अनुदान मांगें

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Rajasthan Vidhansabha Budget Session Latest News Update

जयपुर।


राजस्थान विधानसभा बजट सत्र की आज की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। इस शुरूआती एक घंटे के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के जनहित के मुद्दे उठाये और सरकार से जवाब मांगा। इधर, सरकार के मंत्री आज पहले से ज़्यादा बेहतर तैयारी के साथ आये दिखाई दिए। उन्होंने सम्पूर्ण ब्यौरे के साथ विधायकों के सवाल दिए और उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। प्रश्नकाल के दौरान कुछ ऐसे सवाल भी रहे जहां स्पीकर डॉ सीपी जोशी को हस्तक्षेप करना पड़ा।

गौरतलब है कि आज प्रश्नकाल में कुल 46 सवाल लगे, इनमें से कुछ विधानसभा क्षेत्र वार तो कुछ राज्य हित से जुड़े रहे। प्रश्नकाल के बाद सदस्य ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भी अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख मांगे उठा रहे हैं। इस सत्र के बाद सदन में राजस्व और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। चर्चा के बाद दोनों अनुदान मांगे ध्वनि मत से पारित करवाई जाएंगी।

प्रश्नकाल में आज पहला सवाल विधायक गोपाल लाल शर्मा ने पूछा। उन्होंने मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक और धार्मिक जुलूस पर पाबंदी का सवाल उठाया। जवाब में स्वायत्त शासन मंत्री शान्ति धारीवाल ने बताया कि मांडलगढ़ में किसी भी तरह के जुलूस की पाबंदी नहीं दी गई है। उन्होंने जुलूसों को अनुमति का ब्यौरा देते हुए जानकारी दी कि अभी तक जितने भी आवदेन मिले हैं उन्हें अनुमति दी गई है।

वहीं तृतीय श्रेणी शिक्षक स्थानांतरण का मुद्दा भी सदन में उठा। सूरजगढ़ विधायक सुभाष पूनिया ने विधानसभा क्षेत्र सूरजगढ़ में वर्ष 2018 के बाद हुए स्थानांतरण की जानकारी मांगी। इसपर शिक्षा मंत्री डॉ बीड़ी कल्ला ने जवाब देते हुए बताया कि सूरजगढ़ में एक भी स्थानांतरण नहीं किये गए हैं। उन्होंने माना कि वर्ष 2021 में स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाए ज़रूर गए थे लेकिन नीतिगत निर्णय नहीं होने के कारण स्थानांतरण नहीं हुए। लेकिन तत्कालीन निदेशक ने उसे मात्र आवेदन प्रक्रिया का एक हिस्सा माना था। उन्होंने आश्वस्त करते हुए बताया कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के रिक्त पद जल्द भर दिए जाएंगे।

बाजरा खरीद केंद्र की गाइडलाइंस पर: आंजना

रबी-खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीद से जुड़ा सवाल विधायक जगसीराम कोली ने उठाया। उन्होंने रेवदर विधानसभा क्षेत्र में फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीद का ब्यौरा मांगने के साथ ही इस प्रक्रिया में अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों पर एक्शन किये जाने की जानकारी मांगी। जवाब में मंत्री उदयलाल आंजना ने दिया। उन्होंने बताया कि खरीद प्रक्रिया में कोई भी अधिकारी दोषी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से ही बाजरा खरीद की गई है। समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीद का कोई प्रावधान भारत सरकार की तरफ से नहीं मिला है।

श्रीनाथ जी से करेंगे प्रार्थना : स्पीकर जोशी

विधायक समाराम गरासिया ने सिरोही जिले में एक आगजनी की घटना के पीड़ितों की सहायता को लेकर सवाल पूछा। जवाब मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने दिया। उन्होंने बताया कि यदि कोई गंभीर घटना होती है तो सरकार फ़ौरन व्यवस्था कराती है। इस जवाब पर स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी ने हस्तक्षेप किया और चुटकी लेते हुए विधायक समाराम से कहा कि आप तो श्रीनाथजी के भक्त हैं। हम भी प्रार्थना करते हैं कि श्रीनाथ जी व्यवस्था बनाएं।

खेलों के प्रति गंभीर है सरकार: मंत्री
भाजपा विधायक अनिता भदेल ने प्रदेश में निजी खेल एकेडमी के प्रोत्साहन से जुड़ा सवाल पूछा। उन्होंने सवाल किया कि क्या खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की भू-आवंटन नीति में परिवर्तन लाने पर विचार कर रही है? जवाब में खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि राज्य की सरकार खेलों के प्रति सजग और गंभीर है। नीति में परिवर्तन को लेकर अभी कोई व्यवस्था नहीं है, होगी तब जानकारी दे दी जाएगी।

फ्यूल सरचार्ज वसूली का उठा मुद्दा

प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं पर फ्यूल चार्ज का मुद्दा भी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठा। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने जानना चाहा कि फ्यूल चार्ज के पेटे वसूले गए 3 हज़ार 749 करोड़ में से कितनी राशि घरेलू और कितनी कमर्शियल उपभोक्ता से वसूली गई है? उन्होंने पूछा कि क्या सरकार डोमेस्टिक उपभोक्ताओं के फ्यूल चार्ज को वहन करने का विचार रखती है? जवाब में मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि वसूली गई कुल 3 हज़ार 749 फ्यूल सरचार्ज की राशि कृषि उपभोक्ताओं के अलावा सभी तरह के उपभोक्ताओं से नियम मुताबिक ली गई है। कृषि के अलावा सभी उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूले जा रहे हैं।


विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि राज्य सरकार हर 3 महीने में फ्यूल सरचार्ज बढ़ाती है, इसका कारण क्या है? इसपर मंत्री ने कहा कि राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग की अनुपालना में फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया जाता है। ये प्रावधान पहले से ही चला आ रहा है।