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राजस्थान में मतदान का आंकड़ा 61.60, पिछले चुनाव से करीब 5.26 फीसदी गिरा; अब कयास-कौन पहनेगा ताज?

राजस्थान में दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के साथ ही 152 प्रत्याशियों सहित प्रदेश के सभी 266 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया।

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राजस्थान में दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के साथ ही शुक्रवार को प्रदेश में लोकतंत्र का महापर्व सम्पन्न हो गया। इसके साथ ही दूसरे चरण के 152 प्रत्याशियों सहित प्रदेश के सभी 266 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। पहले चरण में मतदान कम होने के बाद राजनीतिक दलों व निर्वाचन मशीनरी ने मतदाताओं का जोश बढ़ाने के प्रयास किए।

इसके बाद दूसरे चरण के मतदान में कुछ जगह मतदाताओं ने दम दिखाया और बाड़मेर में सबसे अधिक 74 और बांसवाड़ा में मतदान 70 फीसदी पार कर गया। बाड़मेर और कोटा में मतदान का पिछले चुनाव का रेकॉर्ड टूट गया, जबकि जोधपुर, बांसवाड़ा, जालोर, चित्तौड़गढ़ व कोटा वर्ष 2014 से मतदान अधिक हुआ। बाकी जगह प्रत्याशियों के मतदान बढ़ाने के प्रयास हार गए।

पहले चरण में शामिल 12 सीटों पर मतदान 58.28 और दूसरे चरण की 13 सीटों पर करीब 64.56 फीसदी पहुंच गया। प्रदेश में मतदान का कुल आंकड़ा 61.60 फीसदी पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले चुनाव से करीब 5.26 फीसदी कम है। बागीदौरा विधानसभा चुनाव में करीब 77 फीसदी मतदान हुआ

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धीमे मतदान, मतदाता सूची से नाम कटने और फर्जी मतदान जैसी करीब 300 शिकायतें दर्ज कराई, तो तकनीकी खराबी की शिकायत के कारण 376 ईवीएम और 462 वीवीपेट बदली गई। बाड़मेर में कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने कुछ शिकायतों को लेकर धरना दिया।

जोधपुर में कांग्रेस प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा ने भी फर्जी मतदान की शिकायत करते हुए धरना दिया। कुछ जगह मतदान बहिष्कार की शिकायत भी आई, जहां प्रशासन के समझाईश के प्रयास भी कामयाब नहीं हो पाए।

दिनभर मौसम के साथ ही सियासी पारा उपर-नीचे होता रहा। सुबह अच्छी शुरूआत के बाद दिन में मतदान केन्द्रों पर कतारें दिखना बंद हो गई। शाम को फिर मतदान केंद्रों पर लोग पहुंचना शुरू हुए, लेकिन मतदान केन्द्रों पर ज्यादा रौनक नजर नहीं आई। कुछ जगह प्रत्याशियों और सरकारी कर्मचारियों के प्रयासों से मतदान प्रतिशत बढ़ा, लेकिन प्रदेश में पिछले मतदान का आंकड़ा काफी दूर रह गया।

मांग पूरी नहीं…इसलिए मतदान बहिष्कार

बारां जिले के केरवालिया ग्राम पंचायत के देवपुरिया में सड़क नहीं बनने से खफा ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश के प्रयास भी किए, लेकिन यहां 400 में से एक भी मतदाता बूथ पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क नही बनने तक मतदान का बहिष्कार जारी रहेगा। टोंक जिले में 3-4 जगह पानी की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया गया।

गम..फिर भी निभाई जिम्मेदारी

बांसवाड़ा लोकसभा क्षेत्र के भूंगड़ा कस्बे की सूरज देवी ने पति 60 वर्षीय गणपतलाल के दाह संस्कार के करीब एक घंटे बाद मतदान कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

दूसरे चरण में बाड़मेर में सर्वाधिक मतदान

लोकसभा - 2014 - 2019 - 2024

टोंक-सवाई माधोपुर-61.02-63.44-56.55

अजमेर-68.73-67.32-59.73

पाली-57.69-62.98-57.36

जोधपुर-62.50-68.89-63.89

बाड़मेर-72.56-73.30-74.25

जालोर-59.62-65.74-62.56

उदयपुर-65.67-70.32-64.53

बांसवाड़ा-68.98-72.90-72.77

चित्तौड़गढ़-64.47-72.39-68.31

राजसमंद-57.78-64.87-58.46

भीलवाड़ा-62.92-65.64-60.47

कोटा-66.26-70.22-71.42

झालावाड़-बारां-68.65-71.96-69.03

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