15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमृत योजना में राजस्थान को मिलेंगे 3530 करोड़

राजस्थान में अमृत योजना के दूसरे चरण के तहत केंद्र सरकार से 3530 करोड़ रुपए मिलेंगे। दूसरे चरण में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राजस्थान के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज तंत्र को मजबूत करेंगे। केंद्रीय नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बताया कि राजस्थान को अमृत योजना के पहले चरण में 1541 करोड़ रुपए मिले थे।

less than 1 minute read
Google source verification
लोकसभा अध्यक्ष OM Birla

लोकसभा अध्यक्ष OM Birla

राजस्थान में अमृत योजना के दूसरे चरण के तहत केंद्र सरकार से 3530 करोड़ रुपए मिलेंगे। दूसरे चरण में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राजस्थान के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज तंत्र को मजबूत करेंगे। केंद्रीय नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बताया कि राजस्थान को अमृत योजना के पहले चरण में 1541 करोड़ रुपए मिले थे। दूसरे चरण में इस राशि को दोगुना से भी अधिक बढ़ाते हुए 3530 करोड़ कर दिया है। इसमें 55 प्रतिशत हिस्सा राज्य जबकि 45 प्रतिशत पैसा केंद्र का होगा। इस राशि का उपयोग केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश में पेयजल और सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए करेंगे।

कोटा के लिए 300 करोड़ की योजना

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अधिकारियों से कहा कि अमृत योजना के दूसरे चरण में कोटा शहर में हर घर तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने की कार्ययोजना पर काम किया जाए। वर्तमान में जिन कॉलोनियों तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल नहीं पहुंचा है, उनके साथ नई बस रही कृषि कॉलोनियों, बहुमंजिला इमारतों और दूर-दराज की कॉलोनियों को पाइपलाइन से पानी पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए।

वितरण के लिए तैयार होगी डीपीआर
कोटा में वितरण तंत्र मजबूत करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। हर घर तक पानी पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए करीब 300 करोड़ रुपए की योजना बनेगी। ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी की सभी नगर पालिकाओं में भी पेयजल वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। जिन क्षेत्रों में पेयजल के स्थायी स्रोत हैं वहां फिल्टर प्लांट स्थापित किए जाएं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि घर-घर तक शुद्ध पेयजल मिले। इसके लिए विस्तृत प्लान बनाकर काम करना होगा।