
नि:शुल्क इलाज की सुविधा देने में राजस्थान देश का सिरमौर राज्य है। पूर्ववर्ती सरकारों की नि:शुल्क दवा, जांच, चिरंजीवी, भामाशाह जैसी योजनाओं ने मरीजों के लिए सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में इलाज सहज बनाया है। आगामी वर्ष 2024 में भी राज्य के बड़े अस्पतालों में अलग-अलग स्पेशियलिटी ब्लॉक सहित कई आधुनिक इलाज की सुविधाएं मिलने जा रही हैं। नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में भी यहां तेजी से कार्य प्रगति पर है। संभावना है कि नए वर्ष में भी 3 नए कॉलेज प्रदेश में शुरू हो सकते हैं। सभी जिलों में नर्सिंग कॉलेजों की घोषणा भी हो चुकी है। राजस्थान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी सिरमौर बनने की ओर अग्रसर है। लोगों की उम्मीदें नि:शुल्क इलाज की योजनों को सहज बनाने को लेकर भी हैं।
भीलवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के अधीन महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में पांच मंजिल का नया सुपर मिनी होस्पिटल तैयार हो गया है। इसमें कुल 210 बेड होंगे। इसी प्रकार इंटरनल होस्टल व रेजीडेंट चिकित्सकों का होस्टल भी तैयार हो गया है। ट्रॉमा सेंटर भी जल्द तैयार होने वाला है। राज्य सरकार ने इन निर्माण कार्य पर 120 करोड़ रुपए व्यय किए है। अस्पताल परिसर में पांच मंजिला नया मिनी होस्पिटल (सुपर वार्ड) बन कर तैयार है।
कई जिलों में चिकित्सा क्षेत्र में बड़े निवेश होंगे
आगामी वर्ष में राजस्थान मेडिकल हब के रूप में और प्रगति करेगा। जयपुर, उदयपुर, जालोर, दौसा, गंगानगर और दौसा में निजी मेडिकल विश्वविद्यालय और कॉलेज सहित अन्य शहरों में भी चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े निवेश आगामी साल में होंगे। इनमें कई रिसर्च सेंटर भी होंगे। दो दशक के दौरान प्रदेश में करीब 50 से अधिक गुणवत्तापूर्ण अस्पताल शुरू हो चुके हैं। हालांकि सरकारी अस्पतालों में मेन पॉवर की कमी आज भी बड़ी समस्या है। सीकर में नया निजी मेडिकल कॉलेज शुरू होने की संभावना है। यहां आधारभूत संरचना का काम चल रहा है। झुंझुनु में मेडिकल कॉलेज व अस्पताल वर्ष 2024 में शुरू करना बड़ी चुनौती है। बांसवाड़ा मेडिकल कॉलेज के भवनों के निर्माण कार्य ने गति पकड़ी है। जनवरी तक पहला चरण पूरा होने के बाद अगस्त, 2024 में कॉलेज का पहले बैच प्रारंभ हो सकेगा।
Published on:
29 Dec 2023 08:51 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
