
पधारो म्हारे देश : सैलानियों को आकर्षित कर रही राजस्थानी संस्कृति
जयपुर। राजस्थान की संस्कृति ( rajasthani culture ) पर्यटकों को अपनी और खींच लाती है। यहां का परिधान और खान-पान सैलानियों को आकर्षित करता है। इसके चलते देसी-विदेशी पर्यटक खींचे चले आते हैं। गर्मियों का सीजन पर्यटन के लिहाज से ( culture of Rajasthan ) ऑफ सीजन माना जाता है। गर्मियों में पारे की बढ़त के चलते पर्यटक राजस्थान आने से परहेज करते हैं। यही हालात इस सीजन भी में सामने आए हैं।
पिछले सालों की तुलना करें तो आंकड़े बयां करते हैं कि पिछले दो सालों में सैलानियों की संख्या में कोई खास फर्क नहीं आया है। एक तरफ जहां आंकड़े सैलानियों के बढऩे की ओर इशारा करते हैं, तो वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़े और वास्तविकता में दिन-रात का अंतर है
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों में सुविधाओं की दरकार सुनने को मिलती है। ऐतिहासिक किले और बावडिय़ों के लिए राजस्थान अपनी अलग पहचान रखता है लेकिन, इसके साथ ही अब उनमें नई लोकेशंस की डिमांड भी सामने आने लगी है। वो पर्यटक जो दोबारा प्रदेश में कदम रखते हैं कुछ नया चाहते हैं। इसके लिए प्रयास होने जरूरी है। वहीं गोवा, गुजरात की तर्ज पर यहां पर्यटकों के एंटरटेंनमेंट फैसिलिटीज भी विकसित होनी चाहिए। अगर बात सरकारी स्तर की करें तो ज्यादातर सुविधाएं पर्यटकों की पहुंच से दूर होती नजर आती है। आरटीडीसी के होटल्स की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है। प्रदेश में करीब तीस होटल्स हैं, जहां बुकिंग का टोटा रहता है। सरकारी स्तर पर महज विदेशी पावणों के लिए लोगो बदल लिए जाते हैं।
Published on:
09 Jul 2019 06:18 pm
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