
सरकार के गले की फांस बनी नई जिलों की घोषणा-राठौड़
जयपुर। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने नए जिलों की घोषणा को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 19 जिलों के गठन और 3 संभाग गठित करने की घोषणा सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। सरकार ने इस घोषणा के जरिए सत्ता तमें वापसी का पैंतरा आजमाया था, लेकिन प्रदेश में चल रहे आंदोलन हिंसक हो गए हैं।
राठौड़ ने कहा कि सांभर-फुलेरा को जिला बनाने की मांग को लेकर हजारों लोग आंदोलन कर रहे हैं, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। सुजानगढ़, भीनमाल, सूरतगढ़, भिवाड़ी, लाडनूं, देवली व अनूपगढ़ को अलग जिला बनाने की मांग चल रही है। इसके अलावा घोषित जिले डीडवाना-कुचामन, बहरोड-कोटपूतली में जिला मुख्यालयों के चयन और जयपुर व जोधपुर को एक जिले से दो भागों में विभक्त नहीं करने को लेकर आंदोलन किया ज रहा है। यही वजह है कि नये जिलों की घोषणा को 3 माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सरकार ने कलेक्टर की बजाय महज विशेषाधिकारी लगाए हैं। नए जिलों के लिए ना तो अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी किया है और ना ही जनता से कोई राय, सुझाव या आपत्तियां मांगी हैं।
दो हजार करोड़ रुपए से होगा क्या
राठौड़ ने कहा कि नए जिले व संभागों के लिए गठन के लिए सरकार ने महज 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इतने बजट की आवश्यकता तो अकेले एक नए जिले को होगी। आचार संहिता लगने में मात्र 3 माह बचे हैं और सरकार द्वारा नियुक्त ओएसडी सीमांकन के कार्य से कोसों दूर है क्योंकि अभी तक उन्हें स्वयं के कार्यालय ढूंढने में ही मशक्कत करनी पड़ रही है।
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जयपुर-जोधपुर में असमंजस की स्थिति
उन्होंने कहा कि सरकार ने जयपुर एवं जोधपुर को दो अलग-अलग जिलों में बांटने की घोषणा की थी, लेकिन दोनों जगहों पर असमंजस की स्थिति बरकरार है। इसी प्रकार कुचामन व डीडवाना जिला की दूरी महज 45 किमी है। कोटपूतली-बहरोड में से जिला हेडक्वार्टर कौनसा रहेगा, इसको लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
Published on:
26 Jun 2023 06:03 pm
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