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Rajiv Gandhi 75th Birth Anniversary: राजस्थान से रहा है राजीव का गहरा नाता, जाने क्या है ख़ास ‘कनेक्शन’

Rajiv Gandhi 75th Birth Anniversary: राजीव गांधी का राजस्थान से ख़ास जुड़ाव रहा है। दरअसल, राजीव का यहां के पुष्कर में कई बार आना-जाना लगा रहा था। चाहे वे प्रधानमंत्री रहे हों या नहीं, लेकिन पुष्कर आना उनका कभी नहीं छूटा। यहां वे खासतौर से ब्रह्मा मंदिर के दर्शनों के लिए आते थे।

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rajeev gandhi rajasthan connection

देश आज पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न दिवगंत राजीव गांधी को उनकी 75 वीं जयंती ( Former Prime Minister Rajeev Gandhi 75th Birth Anniversary ) के मौके पर याद किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ( Congress Party ) अपने दिवंगत नेता को याद करने के लिए वर्ष भर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। 20 अगस्त, 1944 को जन्में राजीव गांधी इन्दिरा गांधी ( Indira Gandhi ) के पुत्र और जवाहरलाल नेहरू ( Jawahar Lal Nehru ) के दोहिते थे। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वे भारी बहुमत के साथ भारत के छठे प्रधानमंत्री बने। उसके बाद 1989 के आम चुनावों में कांग्रेस की हार हुई। 1991 के आम चुनाव में प्रचार के दौरान 21 मई, 1991 तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक बम विस्फोट में राजीव गांधी की मौत हो गई थी।


राजीव का विवाह एन्टोनिया माईनो से हुआ जो उस समय इटली की नागरिक थी। विवाहोपरान्त उनकी पत्नी ने नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया। कहा जाता है कि राजीव गांधी से उनकी मुलाकात तब हुई जब राजीव कैम्ब्रिज में पढने गए थे। उनकी शादी 1968 में हुई जिसके बाद वे भारत में रहने लगी। राजीव व सोनिया की दो बच्चे हैं, पुत्र राहुल गांधी का जन्म 1970 और पुत्री प्रियंका गांधी का जन्म 1971 में हुआ।


राजीव का राजस्थान कनेक्शन

राजीव गांधी का राजस्थान से ख़ास जुड़ाव रहा है। दरअसल, राजीव का यहां के पुष्कर में कई बार आना-जाना लगा रहा था। चाहे वे प्रधानमंत्री रहे हों या नहीं, लेकिन पुष्कर आना उनका कभी नहीं छूटा। यहां वे खासतौर से ब्रह्मा मंदिर के दर्शनों के लिए आते थे।

जानकारी के मुताबिक़ राजीव तीन बार पुष्कर गए। वे पहली बार 1983 में तब पुष्कर गए थे जब वे कांग्रेस पार्टी के महासचिव थे। इसके बाद जब वे प्रधानमंत्री बने तब भी 1989 में पुष्कर पहुंचे और यहां ब्रह्मा मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। इसके बाद 1991 में भी वे पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करने के लिए गए थे।


लेकिन 1991 का ये पुष्कर दौरा उनका अंतिम था। क्योंकि इस दौरे के ठीक 19 दिन बाद ही 21 मई की तारीख को वो इस दुनिया से रुखसत हो गए। चुनाव प्रचार करते हुए तमिल आतंकवादियों ने राजीव की एक बम विस्फ़ोट में हत्या कर दी।


यही नहीं राजीव गांधी की मृत्यु के बाद उनकी अस्थियों को भी पुष्कर में ही विसर्जित किया गया। उस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश पायलट और अशोक गहलोत भी मौजूद थे।


नेहरू-गांधी परिवार का रहा है पुराना नाता

बताया जाता है कि राजीव गांधी नेहरू-गांधी परिवार में अकेले ही नहीं थे जिनका राजस्थान के पुष्कर से जुड़ाव रहा। उनसे पहले मोतीलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, संजय गांधी और मेनका गांधी भी कई बार पुष्कर आते रहे थे। वहीं एक जानकारी के मुताबिक़ अभी तक फ़िरोज़ गांधी, प्रियंका गांधी और वरुण गांधी या रॉबर्ट वाड्रा का दौरा नहीं लगा है।


राहुल के पूजन से खड़ा हुआ था विवाद

राजीव गांधी के बाद अब उनके पुत्र राहुल गांधी का भी कई बार पुष्कर दौरा लगा। एक दौरे के बाद तो उनके गौत्र को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ। इस दौरान राहुल ने अपना गोत्र 'कौल दत्तात्रेय' बताया जिसके बाद उनके गोत्र को लेकर मीडिया में ख़ासी चर्चा होने लगी।